मुजफ्फरनगर। चुनावी माहौल में एक तरफ जहां पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है, वहीं खुफिया विभाग भी अलर्ट हुआ है। शरारती तत्व माहौल खराब न कर बैठे, इसी के मद्देनजर पुलिस और खुफिया विभाग गलियों-मोहल्लों में फैले मुखबिरों से जानकारी जुटाने में लगा है। एसएसपी के आदेश पर अभियान चलाया जा रहा है। हजारों शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई भी जा चुकी है।
छोटे मामलों पर भी निगाहें
दरअसल, गली-मोहल्लों में आपसी विवाद के छोटे छोटे मामले बड़ा रूप ले लेते है। कभी-कभी विवाद करने वाले दोनों गुटों के साथ राजनीतिक दल के सदस्य भी अपनी नेतागिरी चमकाने के उद्देश्य से लग जाते है। कहीं, ऐसे ही छोटे मामलों में आपसी रंजिश को राजनीतिक रंग न दे दिया जाए, इसके लिए पुलिस तो जानकारी जुटा ही रही है, साथ ही अब खुफिया विभाग भी अलर्ट हुआ है।
शरारती तत्वों की कसी नकेल
एसएसपी अभिषेक यादव ने सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिए थे, कि क्षेत्र में रहने वाले शरारतियों को तलाशा जाए। उनकी सूची बनाए। उनके खिलाफ कार्रवाई करे। इसी के चलते लगभग 17 हजार शरारतियों को पाबंद मुचलका कराया जा चुका है। लगभग 25 हजार शरारती तत्वों के खिलाफ कोर्ट में रिपोर्ट भेजी गई है।
दो लाख कराए जमा, 31 लाख का कराया जुर्माना
चुनाव माहौल के दौरान कोई भी शरारती किसी भी प्रकार की हरकत न कर पाए, इसके लिए पुलिस ने उनकी घेराबंदी शुरू की है। जिन लोगों ने पूर्व समय में झगड़ा फसाद किया है, उसे मुचलका पाबंद कराया गया। इसके बाद भी झगड़ा करने वाले 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भेजी गई। ऐसे मामलों में 11 लोगों को एक-एक लाख, पांच को दो-दो लाख व दो लोगों पर पांच-पांच लाख का जुर्माना किया गया है। कुल 31 लाख का जुर्माना कराया गया। दो लाख रुपये सिखेड़ा पुलिस ने दबाव बनाकर जमा भी कराएं है।
हर मामले का गंभीरता से ले रहे अधिकारी
वैसे तो पुलिस अधिकारी चुनावी माहौल में हर मामले का गंभीरता से संज्ञान ले रहे है। बावजूद इसके खुफिया विभाग और मुखबिरों को अलर्ट कर क्षेत्र के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के पुलिस कार्रवाई में जुटी है। हजारों शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। पुलिस के साथ ही खुफिया विभाग को भी अलर्ट किया है। - अभिषेक यादव, एसएसपी।