डिवाइडरों पर लगे पेड़ पौधों की होगी देखरेख
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका ने शहर के डिवाइडरों पर लगे पेड़-पौधों की बगैर खर्च किए देखरेख के लिए योजना बनाई है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने 12 डिवाइडरों को स्वयंसेवी संस्थाओें को गोद देने की तैयारी कर ली है। डिवाइडरों पर पेड़-पौड़ों की देखरेख के लिए पालिका खर्च बचेगा।
नगरपालिका परिषद की चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने शहर को ग्रीन एंड क्लीन सिटी बनाने के लिए कई काम किए। अब चेयरपर्सन ने शहर में डिवाइडरों को सुंदर और सुव्यवस्थित तथा हरा-भरा बनाने के लिए पीपीपी मॉडल का प्रयोग किया है। इसके लिए शहर के 12 डिवाइडरों को स्वयंसेवी संस्थाओं को गोद देने की तैयारी पालिका प्रशासन द्वारा की जा रही है। शिव चौक से अहिल्याबाई होलकर चौराहे तक बनाए गए डिवाइडर पर गमले बनाकर पेड़-पौधों से इसको ग्रीन प्रोजेक्ट के रूप में जनता को समर्पित किया गया, लेकिन इसकी सही देखभाल नहीं होने के कारण अधिकांश गमले टूट गए। जो बचे भी हैं तो उनमें लगे पेड़-पौधे नष्ट होने से इसकी सुंदरता भी खत्म हो गई है।
शहर के 12 डिवाइडरों महावीर चौक से प्रकाश चौक, महावीर चौक से सरकुलर रोड होते हुए सूजडू चुंगी तक, सूजडू चुंगी से मीनाक्षी चौक तक, मीनाक्षी चौक से शिव चौक, शिव चौक से अहिल्याबाई होल्कर चौक, अहिल्याबाई होल्कर चौराहे से रुड़की चुंगी तक, कोर्ट रोड डिवाईडर, मदीना चौक से अहिल्याबाई होल्कर चौक, मेजर आसाराम त्यागी स्मारक से लेकर रेलवे रोड होते हुए सांई धाम मंदिर, शहीद चौक से फक्करशाह चौक, हनुमान मंदिर चौक से काली नदी पुल और भोपा रोड फ्लाई ओवर ब्रिज से विश्वकर्मा चौक तक को स्वयंसेवी संस्थाओं को एक साल के लिए गोद देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने ईओ को स्वयंसेवी संस्थाओं के लिए नियम व शर्तें तय करते हुए पूरी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। चेयरपर्सन के आदेश के बाद पालिका का वाटिका विभाग कार्ययोजना बनाने में जुट गया है।
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि पूर्व में स्वयंसेवी संस्था पहल-एक नई दिशा के विवेक बंसल ने डिवाइडर को गोद लेने की बात कही थी, यहीं से हमने पीपीपी मॉडल पर सभी डिवाइडरों को गोद देने की योजना बनाई। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं को आमंत्रित किया जाता है। वह जनहित के इस कार्य में सहयोगी बनें ताकि शहर को सुंदर बनाया जा सके।