तितावी। क्षेत्र के गांव मांडी में आठ माह से दोने बनाने वाली फैक्टरी में बंधक बनाकर मजदूरों से काम कराया जा रहा था। अभियान चलाकर 12 मजदूरों को बंधन मुक्त कराया गया। एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक के नेतृत्व में अभियान चलाकर फैक्टरी से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
मांडी गांव में पूर्व प्रधान विपिन ने अपने घेर में दोने बनाने वाली फैक्टरी लगाई हुई है। यहां पर लंबे समय से कार्य चल रहा था। फैक्टरी का गेट बंद रखा जाता था। जब कभी काम होता था या फैक्टरी के संचालक आते और जाते थे तब ही गेट खोलते थे। गेट पर भी कुत्तों से सावधान लिखा गया था। ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति गेट के पास न आए।
बताया गया कि इस फैक्टरी में दूर-दराज से लाकर मजदूरों से काम कराया जा रहा था। इसका खुलासा उस समय हुआ जब एक मजदूर गेट बंद रहने वाली इस फैक्टरी से किसी तरह दीवार फांद कर बाहर निकल गया और पूछते हुए वह तितावी थाने जा पहुंचा। उसे फैक्टरी में अपने 12 साथियों को बंधक बनाकर काम कराने की जानकारी दी।
बताया कि उन्हें सूखी रोटी खाने के लिए दी जाती थी। वह आठ माह से काम कर रहे है लेकिन फैक्टरी किस गांव में हैं यह उसे जानकारी नहीं है। थाना पुलिस ने बताया कि मजदूर को लेकर पुलिस टीम रविवार दोपहर से अपने साथ लेकर गांवों में चलाई जा रही दोने बनाने वाली फैक्टरी के बारे में जानकारी कर रही थी।
बुढ़ाना, शाहपुर व अन्य गांवों में जानकारी की गई। मांडी गांव में मजदूर ने फैक्टरी का गेट पहचान लिया। इसके बाद अधिकारियों को बताया गया। टीम वापस लौट आई थी। सोमवार को एसपी देहात ने बताया कि सोमवार को श्रम विभाग, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों को साथ लेकर फैक्टरी को घेर कर कार्रवाई की। फैक्टरी से तीन लोगों को हिरासत में लेकर वहां से 12 मजदूरों को बंधन मुक्त कराया गया। सभी को थाने लाया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। फैक्टरी को सील कर दिया गया।
उधर, बताया गया कि पुलिस ने फैक्टरी के साझेेदार सहित तीन आरोपी हिरासत में लिए है। उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। सभी मजदूर बिहार निवासी प्रतीत हो रहे है। उन्हें रेलवे स्टेशन से दस हजार माह पर काम करने का झांसा देकर लाया गया था। यहां लाकर बंधक बना लिया गया।
दोने बनाने की फैक्ट्री के गेट पर लिखा कुत्तों से सावधान संवाद