मुजफ्फरनगर में खतौली के लाड़पुर में बुधवार को हादसे में मरी बच्ची खुशी का शव पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार दोपहर गांव में पहुंचा तो ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने शव खतौली-जानसठ मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया और वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। जाम खुलवाने पहुंचे इंस्पेक्टर खतौली और पुलिस को ग्रामीणों ने दौड़ा लिया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच हाथापाई भी हुई। बाद में पुलिस ने लाठियां चलाकर जाम खुलवाया। इस दौरान पुलिस की लाठियों से तीन ग्रामीण घायल हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीण शव लेकर गांव में चले गए, लेकिन अंतिम संस्कार नहीं किया। हादसे के 24 घंटे बाद भी बच्ची का शव घर पर ही रखा हुआ था और ग्रामीण हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन चालक की गिरफ्तारी के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने पर अड़े थे। गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
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लाड़पुर निवासी रीना अपनी 12 साल की बेटी के साथ बुधवार शाम खेत में चारा लेने गई थी। इस दौरान एक तेज रफ्तार कार ने इन्हें कुचल दिया था। खुशी की मौके पर ही मौत हो गई थी। रीना का मेरठ के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है, जहां उनकी हालत भी चिंता जनक बनी हुई है।