दालों के दाम में उछाल ने रसोई का बिगाड़ा बजट
मुजफ्फरनगर। किराना की दुकानों पर दालों के भाव में आए उछाल से किचन का बजट बिगड़ गया है। एक महीने में 15-25 फीसदी की बढ़ोतरी से हर कोई परेशान है। कोविड में दलहन का आयात नहीं होने और पैदावार की कमी और रेट बढ़ने से थाली में दाल की चमक फीकी पड़ने लगी है। वहीं, त्योहारों के सीजन शुरू होने से ड्राई फ्रूट के दामों में गिरावट देखी गई है।
कोरोना संक्रमण ने खाद्य पदार्थों के दामों में उछाल से व्यापारियों के साथ उपभोक्ताओं को भी हैरत में डाले रखा। एक महीने में दालों के खुदरा दामों में अचानक वृद्धि से महिलाओं में सरकार के प्रति अच्छी खासी नाराजगी है। महिलाओं ने दामों में उछाल के चलते किराना की दुकान पर पर्चे में एक किलो के स्थान पर आधा किलो मंगानी शुरू कर दी। चरथावल के किराना व्यापारी हिमांशु जैन, विपुल गर्ग और बुढ़ाना के नूतन गोयल बताते हैं कि लॉकडाउन में तीन महीने दाल आदि की बिक्री बेतहाशा हुई, लेकिन अब कारोबार पर असर पड़ रहा है। दालों का आयात न होने और यहां अच्छी फसल नहीं होने के कारण रेट में उछाल आ रहा है।
दालों के रेट का विवरण
दाल (एक महीने पूर्व)- वर्तमान दाम (प्रति किग्रा खुदरा)
चने की दाल 60 - 70-75 है।
मसूर 90 - 100
उड़द धुली 90 - 110
उड़द काली 80 - 100
अरहर 90 - 110
मलका 70 - 75
मूंग धुली 100 - 110
मूंग हरी 90 - 105
ड्राई फूटस रेट
(छह महीने पहले) -- अब (किग्रा प्रति)
बादाम गिरी 800 - 620
काजू 700-750 - 620-650
अखरोट 680 - 550
पिस्ता 1200 - 950-980
गोला 225 - 150-170