मुजफ्फरनगर। मतगणना को लेकर जिले का पारा चढ़ने लगा है। सपा-रालोद गठबंधन ने लोगों के ठहरने का इंतजाम कर रहा है। टिकैत ने किसानों से ट्रैक्टर के साथ पहुंचने का आह्वान किया है, जिससे पुलिस-प्रशासन की बेचैनी बढ़ने लगी है।
मतगणना का दिन नजदीक आने के साथ सपा-रालोद गठबंधन ने जिला मुख्यालय पर आने वाले लोगों के ठहरने का इंतजाम किया था। धर्मशाला, होटल और रेस्टोरेंट बुक किए जाने की तैयारी थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है। गठबंधन की तैयारी थी कि समर्थक मतगणना के दिन शहर में रहें।
रालोद जिलाध्यक्ष प्रभात तोमर ने एलान किया है कि 10 मार्च को गठबंधन के 50 हजार कार्यकर्ता मुख्यालय और मतगणना स्थल के आसपास रहेंगे। गठबंधन की तैयारी देख प्रशासन की धड़कने बढ़नी शुरू हो गईं। दस मार्च को लोगों के होटल और रेस्टोरेंट में ठहरने पर रोक लगा दी गई, इसी का विरोध गठबंधन कर रहा है। रविवार को टिकैत ने सोशल मीडिया के बाद कूकड़ा मंडी पहुंचकर आह्वान किया कि किसान वोट की पहरेदारी करें। ट्रैक्टर लेकर पहुंचने की बात भी कही, जिससे पुलिस-प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मतगणना में भी नंबर वन रहेगा मुजफ्फरनगर
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि जिला हमेशा नंबर वन रहता है। 2013 के दंगे में यहां के लोग आपस में लड़ बैठे थे, तब भी जिला नंबर वन था। पंचायतों में जिला नंबर एक है। भाईचारे में जिला पहले नंबर पर है और अब मतगणना में मुजफ्फरनगर एक नंबर पर रहेगा।
भीड़ बढ़ी तो संभालना होगा मुश्किल
मतगणना स्थल के बाहर आमतौर पर समर्थकों की भीड़ रहती है, लेकिन इस बार गठबंधन की तैयारी शहर में भी समर्थकों को जुटाने की है। अगर भारी संख्या में भीड़ जुट गई तो संभालना आसान नहीं होगा। खुफिया विभाग गठबंधन की तैयारी पर नजर रखे हुए हैं।
सिसौली जाकर टिकैत से मिले थे एसपी देहात
पुलिस-प्रशासन में बेचैनी बढ़ रही है। यही वजह है कि शनिवार को एसपी देहात अतुल श्रीवास्तव ने सिसौली में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत से मुलाकात की थी। हालांकि मुलाकात के दौरान कहा गया था कि स्वास्थ्य जानने आए हैं।