मेरठ के सोतीगंज में वाहनों के कटान पर बड़ी कार्रवाई के बाद बुधवार को ऐसी ही एक सूचना पर एएसपी ने कई थानों की पुलिस के साथ नगर की मिलन मार्केट में छापा मारा। पुलिस को देखकर वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने छह कबाड़ियों को पकड़ा है, इनके पास से कारों के इंजन कब्जे में लिए गए हैं।
मुजफ्फरनगर में मेरठ रोड पर स्थित मिलन मार्केट में वाहनों के काटने का धंधा चलता है। मेरठ के सोतीगंज के बाद मुजफ्फरनगर निशाने पर आया था। बुधवार शाम एएसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने मंडी कोतवाली, थाना मंसूरपुर व अन्य कई थानों की पुलिस के साथ मिलन मार्केट में छापेमारी की। अचानक पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। छह से अधिक कबाड़ियों को पुलिसकर्मियों ने घेर कर पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस को कई गाड़ी खड़ी मिलीं। कटी गाड़ियों के कई इंजन भी पुलिस को मौके पर पड़े मिले।
एएसपी ने मार्केट में मिले लोगों से गाड़ी व इंजन के कागजात दिखाने को कहा तो सभी चुप रहे। एएसपी की इस कार्रवाई की जानकारी पाकर शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर जा पहुंची। पकड़े सभी लोगों को कोतवाली ले जाया गया। एएसपी के आदेश पर गाड़ियों व इंजनों के पास कोतवाली पुलिस को देखभाल के लिए छोड़ा गया है।
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स्थानीय पुलिस को किया दरकिनार
एएसपी ने छापेमारी के लिए शहर कोतवाली व खालापार चौकी पुलिस को टीम में शामिल नहीं किया। इससे स्थानीय पुलिस की कार्य प्रणाली पर प्रश्न उठ रहा है। हिरासत में लिए लोगों को पुलिस कोतवाली तक ले जा भी नहीं पाई कि उन्हें छुड़ाने के लिए वहां पहले ही जमावड़ा लग गया। इसी मार्केट में पहले भी छापेमारी हुई थी और मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं। लेकिन काम बंद नहीं हो सका। वहां सीसीटीवी लगाने के भी आदेश दिए थे।
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