हत्या करना ही था बाइकर्स का मकसद
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-दून हाईवे पर बुधवार देर रात हुई पब्लिक शूटआउट की घटना ने हाईवे पर पुलिस गश्त के साथ ही थाना पुलिस की मुस्तैदी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थाने से बामुश्किल सौ मीटर की दूरी पर बाइक सवार दो बदमाश पैदल जा रहे दो युवकों पर फायरिंग कर फरार हो गए और थाना पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। शोर मचाने पर राहगीरों ने पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल नरेश व सुदर्शन को जिला अस्पताल भेजा, जहां नरेश को मृत घोषित कर दिया गया।
एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि हत्यारे जो भी थे, उनका सीधा मकसद नरेश की हत्या करना था। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि रेस्टोरेंट से पैदल लौट रहे दोनों युवकों से किसी भी तरह की लूटपाट की कोशिश नहीं की गई। उनके मोबाइल और जेब के रुपये जस के तस मिले हैं। घायल सुदर्शन का भी यही कहना है कि बाइक सवार दोनों बदमाशों ने पीछे से आकर उन्हें रोका और उन्हें नीचे गिराकर सीधे फायरिंग कर दी। फायरिंग में नरेश को दो और सुदर्शन को एक गोली पैर में लगी, जिसके बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। एसएसपी ने बताया कि मामले में कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। दोनों युवकों के साथ पिछले कुछ समय में किसी से विवाद या रंजिश होने की संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है।