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बिन ‘गुरु’ खेलों में पसीना बहा रहे जिले के ‘एकलव्य’

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मुजफ्फरनगर के स्पोर्ट्स स्टेडियम के मैदान में बिना कोच के अभ्यास करते हॉकी खिलाडी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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बिन ‘गुरु’ खेलों में पसीना बहा रहे जिले के ‘एकलव्य’
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मुजफ्फरनगर। पिछले वर्ष अप्रैल में शुरू हुए कोरोना ने जनपद के युवाओं की खेल तैयारियों को प्रभावित कर दिया है। स्पोर्ट्स स्टेडियम में अप्रैल-2020 से पहले सभी स्पर्धाओं के दस से अधिक कोच तैनात थे, लेकिन लॉकडाउन में एक-एक कर सभी कोच नौकरी छोड़कर चले गए। इनके स्थान पर आज तक किसी कोच की नियुक्ति नहीं हुई है। क्रीड़ाधिकारी हरफूल सिंह ही अपने स्तर से खिलाड़ियों को चुनिंदा स्पर्धाओं में प्रशिक्षण देते रहे। हाल ही में भारोत्तोलन में महिला कोच रेनू की नियुक्ति की गई है। स्टेडियम में कोच की नियुक्ति न होने के कारण जिले के ‘एकलव्य’ बिना किसी ‘गुरु’ के ही खेल तैयारियों में जुटकर पसीना बहा रहे हैं।
बिना कोच नेशनल स्कूल गेम्स खेले युवा
मुजफ्फरनगर। चौधरी चरण सिंह जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोच न होने के चलते युवा खिलाड़ी खुद ही पसीना बहाकर तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसके बावजूद जनपद के तीन खिलाड़ी अंडर-17 वर्ग में झारखंड के शहर रांची में दस दिन पूर्व हुई नेशनल स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तहत हुई हॉकी प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे और अच्छा प्रदर्शन किया। इन युवा खिलाड़ियों में नितेश, अविपाल और रोहित शामिल हैं। स्टेडियम में तैयारियां करने वाले अन्य खिलाड़ियों अभिषेक, विनीत, कपिल, ऋतु, श्वेता और दीपा ने बताया कि लंबे समय से कोच न होने के कारण उन्हें अपने स्तर से ही खेलों की तैयारियां करनी पड़ रही है।
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साईं सेंटर मिला, लेकिन कोच नहीं
मुजफ्फरनगर। जनपद में करीब दो माह पूर्व साईं सेंटर की स्वीकृति मिली है, जिसमें एथलेटिक्स की स्पर्धाओं की ट्रेनिंग दी जानी है, लेकिन साईं सेंटर न मिलने के बावजूद अब तक कोच नहीं दिया गया है। जिला क्रीड़ाधिकारी हरफूल सिंह ने बताया कि कई बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद अब तक न तो कोच नियुक्त किया गया है और न ही अपने स्तर से रखने की अनुमति दी गई है।
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निजी स्टेडियम करा रहे खेल तैयारियां
शाहपुर। स्पोर्ट्स स्टेडियम में लंबे समय से कोच न होने के चलते युवा खिलाड़ी अब प्रशिक्षण के लिए निजी स्टेडियमों का रुख कर रहे हैं। गांव सोरम स्थित रघुवंशी ऑर्चरी एकेडमी के संचालक विपिन बालियान ने बताया कि उन्होंने अपने यहां मध्य प्रदेश प्रांत के भोपाल निवासी वैभव साहू को बतौर प्रशिक्षक नियुक्त किया हुआ है। हाल ही में एकेडमी के तीरंदाज साहिल चौधरी ने पोलैंड में आयोजित विश्व स्तर की जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक भी हासिल किया था। वहीं, हर्ष राणा, कपिल रघुवंशी, प्रियांशु बालियान व शावेज भी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। सोरम स्टेडियम के कबड्डी कोच मास्टर रामपाल सिंह ने बताया कि जनपद में कोच न होने के कारण निजी स्टेडियम व एकेडमी ही युवाओं का सहारा बनी हैं। कबड्डी में गांव काकड़ा के रोहित बालियान व मोहित बालियान प्रो-कबड्डी में खेल रहे हैं। वहीं, महिला खिलाड़ी प्रतिभा, रुकैय्या, शालू व वाहिदा भी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं। कस्बे के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में संचालित साईं सेंटर में कुश्ती कोच करण पुरी गोस्वामी युवाओं को कुश्ती के गुर सिखा रहे हैं। उधर, सोरम के टारगेट ओलंपिक कुश्ती एकेडमी के कुश्ती कोच निर्दोष बालियान ने बताया कि उनके यहां 80 से अधिक युवा कुख्ती का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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