मुजफ्फरनगर। गत 11 जून से लापता युवक चांद के शव की पुष्टि उसके डीएनए से की जाएगी। इसके लिए पुलिस ने कंकाल व चांद के परिजनों के डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला किदवईनगर निवासी चांद की हत्या के बाद उसके दोस्तों की निशानदेही पर शव का कंकाल बरामद किया गया है। इंस्पेक्टर योगेश शर्मा जब टीम के साथ आरोपियों को साथ लेकर उनकी निशानदेही पर शव बरामद करने पहुंचे तो गुमशुदगी के 14 दिन बाद मिला शव पूरी तरह से कंकाल में तब्दील हो चुका है। जंगली जानवरों ने शरीर को खींचकर कई टुकड़े कर दिए थे। चेहरे व बाकी शरीर की हड्डियां भी अलग-अलग हो चुकीं हैं। ऐसे में बरामद किया गया कंकाल चांद का ही है, इसकी पुष्टि होना भी जरूरी है। पुलिस के आला अफसरों से वार्ता के बाद कंकाल का डीएनए टेस्ट कराए जाने का निर्णय लिया गया। पुलिस ने कंकाल के साथ ही चांद के परिजनों के भी डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
नशे की लत में जिंदगी से दूर हुआ चांद
मुजफ्फरनगर। मोहल्ला किदवईनगर निवासी चांद 21 साल का हो चुका था, लेकिन वह कोई काम नहीं करता था। इसी दौरान उसे नशे की लत लग गई। जिन 43 हजार रुपयों के लिए चांद की हत्या हुई, वे भी नशीले पदार्थों के ही होने की आशंका जताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 11 जून को वे नशा कराने के बहाने से ही चांद को सुजडू के जंगल में ले गए थे। वहां पहले आरोपियों ने चांद को नशा कराया और बेसुध होने के बाद उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी शव को वहीं ईंख के खेत में छिपाकर घर लौट आए थे।
दस दिन पूर्व पूछताछ के बाद छोड़ दिए थे आरोपी
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस ने दस दिन पूर्व शक के आधार पर दोनों आरोपियों वाजिद व मुल्ला आसिफ को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। उस समय आरोपियों ने किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी थी, जिसके चलते उन्हें छोड दिया गया था। अब आरोपियों को दोबारा हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो हत्या का सच निकलकर सामने आ गया।