अनलॉक होते ही जहरीली हो गई हवा
मुजफ्फरनगर। अनलॉक होते ही सड़कों पर वाहनों की भागदौड़ और बढ़ती भीड़ के कारण हवा फिर से जहरीली हो गई है। वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जो श्वांस रोगियों के लिए खतरनाक है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) जो बीस दिन पहले 48 पर था, वो बढ़ कर घातक स्तर पर 364 तक पहुंच गया है।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान आवाजाही पर रोक नहीं थी, मगर बिना कारण घूमने वालों पर पाबंदी थी। जिले की औद्योगिक इकाईयां भी चल रही थीं। बावजूद इसके कोरोना कर्फ्यू में जिले की आबोहवा बदल गई थी। वायु प्रदूषण खत्म हो गया था। एयर क्वालिटी इंडेक्स घटते हुए 48 पर पहुुंच गया था, जो सबसे अच्छा माना जाता है। 20 मई को जब एक्यूआई 48 पर पहुंचा तो आसमान इतना साफ और स्वच्छ रहा कि यहां से 80 किमी दूर हरिद्वार में शिवालिक की पहाड़ियां साफ दिखाई देने लगी थीं।
कोरोना केस कम होने पर जनपद में भी कोरोना कर्फ्यू से मुक्त हो गया। जिस दिन से जनपद में अनलॉक हुआ, उसी दिन से जनपद की आबोहवा फिर से बदलने लगी है। वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है, जिससे हवा जहरीली हो गई है। जो श्वास रोगियों के लिए खतरनाक है। छह जून को एक्यूआई 104 था, जो सात जून को बढ़ कर 161 पर पहुंच गया। सात जून को ही जनपद अनलॉक हुआ है। वाहनों की संख्या बढ़ गई है। सुबह से शाम तक 12 घंटे बाजार खुलने पर भीड़ भी बढ़ी है। इसी कारण तभी से वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को एक्यूआई खराब स्थिति में 364 तक पहुंच गया। हालांकि रात में हल्की बूंदाबांदी होने से बृहस्पतिवार को एक्यूआई 175 दर्ज किया गया। यह भी अच्छा नहीं है।
वाहनों से बढ़ा प्रदूषण
- जिला अनलॉक होने पर बाजारों और सड़कों पर भीड़ बढ़ी। सभी तरह से वाहनों का संचालन ज्यादा हो गया, इस कारण वायु प्रदूषण बढ़ गया है। बीते दो माह से जिले में वायु प्रदूषण खत्म हो गया था। - अंकित सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
दिनांक-----एक्यूआई
एक जून----121
दो जून-------89
तीन जून-------97
चार जून-------104
पांच जून-------107
छह जून-------104
सात जून-------161
आठ जून-------183
नौ जून-------364
दस जून--------175