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सर्वे किया, रुपये लिए और फिर भी मकान नहीं दिया

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अधूरे मकान में शाहपुर की प्रमिला - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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सर्वे किया, रुपये लिए और फिर भी मकान नहीं दिया
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मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी और ग्रामीण में पात्रता पाने वालों को मुसीबतें झेलनी पड़ रही है। सैकड़ों ऐसे लोग हैं, जिनके घरों के सर्वे तो हुए, लेकिन मकान नहीं मिला। लोगों का आरोप है कि सर्वे के नाम पर उनसे रुपये भी लिए गए हैं। सर्वे से आगे अधिकारी और कर्मचारी जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। उम्मीद पर लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
शहर के मल्हूपुरा निवासी आदित्य का कहना है कि बार-बार उनके घर के लिए सर्वे हुए, लेकिन मकान सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाया। विकास भवन और पालिका के चक्कर काटे, लेकिन उन्हें अब तक भी मकान नहीं मिल सका।
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सैदपुरा कलां की शकुंतला देवी का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान दिलाने के नाम पर उनसे कुछ युवकों ने सर्वे के नाम पर चार हजार रुपये भी ले लिए थे, लेकिन एक साल बाद भी आवास नहीं मिला है। मुजफ्फरनगर की इमराना का कहना है कि सरकार की अच्छी योजना को कर्मचारी बिगाड़ रहे हैं। गरीबों को घरेां का सर्वे करते हैं, लेकिन जिनकी पहुंच है, मकान उन्हें ही मिलता है।
केस-एक
शाहपुर की मीनाक्षी पत्नी राजकुमार का कहना है कि आवास योजना में पहली किस्त मिली थी, जिससे नींव भरवा दी गई। लेकिन दूसरी किस्त नहीं मिल रही है। कई महीने बीत चुके हैं। बार-बार अधिकारी इंतजार करने के लिए कह रहे हैं। सर्दी के मौसम में बेहद परेशानी का सामना परिवार को करना पड़ रहा है।
केस-दो
शाहपुर के दिव्यांग इरफान का कहना है कि छत किसी तरह मकान पर डाल ली है, लेकिन अभी तक तीसरी किस्त नहीं मिली। जिससे खिड़की दरवाजे और कई जरूरी काम अटके हुए हैं। दिव्यांग होने के कारण वह बेहद परेशान हैं। आने जाने में भी परेशानी उठानी पड़ती है। सरकार को दिव्यांगों का विशेष ख्याल रखना चाहिए।
साल बीतते गए और इंतजार बन गया मकान
- पुरकाजी की महबूबा का कहना है कि कई साल बीत गए हैं, लेकिन अभी तक मकान नहीं मिला। सर्वे वाले हर बार आश्वासन देते हैं, लेकिन लिस्ट में नाम नहीं आया। परिवार किराए के मकान में रह रहा है।
- बघरा क्षेत्र के सैदपुर खुर्द की प्रमिला का कहना है कि बीमार पति के साथ झोंपड़ी में जिंदगी गुजर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में मकान की लिस्ट में नाम आया था, लेकिन अब तक कोई किस्त नहीं मिल सकी है।
- चरथावल के विशाल का कहना है कि उन्हें सर्वे के बावजूद आवास नहीं दिया गया है। वह बेहद परेशानी में है। किराए के मकान में परिवार रह रहा है। सरकार और प्रशासन को इस समस्या को समझना चाहिए।
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हमसें साझा करें अपना दर्द
प्रधानमंत्री आवास योजना के दौरान लोगों के सामने आ रही समस्याओं को हम प्रकाशित कर रहे हैं। पात्रता के बावजूद आवास नहीं मिलने, किस्तों से लटके आवास निर्माण और बार-बार आवेदन को निरस्त किए जाने की समस्या हमें व्हाट्सएप नंबर 8954893110 पर कॉल कर बताएं। हम आपकी समस्या को अमर उजाला में प्रकाशित करेंगे।

अधूरे मकान में शाहपुर का इरफान- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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