जान जोखिम में डाल अग्रिम मोर्चे पर डटी है सर्विलांस टीम
मुजफ्फरनगर। वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के खतरे के बीच जनपद की सर्विलांस टीम के तीन सदस्य अपनी जान को खतरे में डालकर अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर फर्ज निभा रहे हैं। टीबी पर्यवेक्षक के तौर पर भर्ती तीनों कर्मचारियों को ही कहीं से भी आई कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच करने के लिए सबसे पहले भेजा जाता है।
कोरोना संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हुए हैं, जिस पर जिले भर से लोग सूचनाएं देकर कोरोना संदिग्ध की जानकारी देते हैं। हेल्पलाइन नंबर पर प्रतिदिन औसतन इस तरह की 30 से अधिक शिकायतें मिलती हैं। इस तरह की शिकायत आने पर सबसे पहले सर्विलांस टीम को संदिग्ध मरीज के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए भेजा जाता है। सर्विलांस टीम में तीन सदस्य शामिल हैं, जो जिला अस्पताल के टीबी विभाग में वरिष्ठ पर्यवेक्षक पद पर नियुक्त हैं। इनमें वरिष्ठ पर्यवेक्षक अमित तोमर, अतुल भारद्वाज और विपिन शर्मा शामिल हैं। संदिग्ध मरीज की सूचना मिलने के बाद यही टीम अपनी जान को जोखिम में डालकर उसकी व परिवार के स्वास्थ्य की जांच करती है। जांच के बाद इसी टीम के सदस्य संबंधित व्यक्ति के सैंपल लिए जाने अथवा उसे होम क्वारंटीन किए जाने की संस्तुति करते हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन आगे कदम बढ़ाता है। इसके साथ ही तीनों कर्मचारी जहां कोरोना संदिग्ध की जांच करने जाते हैं, वहां के लोगों को महामारी के प्रति जागरूक भी करते हैं। उक्त तीनों जांबाज कर्मचारी कोरोना संक्रमण के इस दौरान में निज हित को पीछे छोड़कर सबसे पहले मोर्चे पर खड़े हुए हैं, जो सच में कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में आते हैं।अमित तोमर ने बताया कि हमारी टीम ने बीते तीन सप्ताह से अपने को परिजनों से अलग कर रखा है। परिजनों की भी चिंता रहती है। अमित ने सरकार से मांग की है कि इस जंग में शामिल उन्हें और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के होटल में ठहराने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उनका परिवार सुरक्षित रह सके।