सर्कुलर रोड़ स्थित शाकुन्तलम में कृति संस्था द्वारा आयोजित साहित्य समारोह के दौरान साहित्यकार ?
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मुजफ्फरनगर। महिलाओं के संघर्ष पर साहित्यकार सुनीता सोलंकी की पुस्तक ‘उसके बाद’ का विमोचन किया गया। सोलंकी ने कहा कि समाज में घटित हो रही घटनाओं को काव्य के माध्यम से नई पीढ़ी तक प्रेषित करने का प्रयास किया गया है। स्त्री जीवन के संघर्षों और निर्णय क्षमता को दर्शाती इस काव्यधारा को खूब सराहना मिल रही है।
सरकुलर रोड आवास विकास कॉलोनी शाकुंतलम में कृति संस्था द्वारा आयोजित साहित्य समारोह के दौरान साहित्यकार सुनीता सोलंकी की काव्य पुस्तक ‘उसके बाद’ का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गीतकार मनोज कुमार मनोज और सुमनेश सुमन ने दीप प्रव्वजलित कर किया। प्रतिभा त्रिपाठी ने उसके बाद पुस्तक की कविताओं से काव्य पाठ कर प्रशंसा बटोरी। संचालन कवि सत्यपाल सत्यम द्वारा किया गया।
साहित्यिक संस्था कृति के अध्यक्ष कवि सुमनेश सुमन ने कहा कि एक सामान्य ग्रहणी से साहित्यकार तक का सफर तय करने वाली सुनीता सोलंकी महिलाओं के लिए एक मिशाल हैं। इनकी कविताओं में स्त्री संघर्ष और निर्णय क्षमता का समावेश है। कार्यक्रम में अंग्रेजी लेखक और युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित तनुज सोलंकी को उनकी पुस्तक ‘दिवाली इन मुजफ्फरनगर’ के लिए सम्मानित किया गया। हरेंद्र सिंह, डॉ. नीलम कुरील, सतीश गोयल, विक्रांत राठी, कुसुम राना, ममता चौहान, इंदू राठी , सपना अग्रवाल उपस्थित रहे।