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गन्ना मूल्य नामंजूर, ट्रेजरी पर जड़ा ताला

Tue, 19 Jan 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि बीते तीन सालों में प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में एक पैसा भी बढ़ोया नहीं है। इससे किसानों में नाराजी है।
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किसानों का डीएम कार्यालय पर धरना जारी रहेगा। बुधवार को रेल रोककर विरोध दर्ज कराया जाएगा। उधर, देर रात किसानों ने ट्रेजरी पर भी ताला जड़ दिया। एडीएम प्रशासन मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की।

गन्ना मूल्य की घोषणा को लेकर धरने पर बैठे किसान सोमवार उस समय हताश हो गए, जब प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य की घोषणा की और कोई बढ़ोत्तरी नहीं की। किसानों का आरोप है कि बीते दो वर्षों से एक भी पैसे की बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि प्रत्येक चीज के दाम बढ़े हैं।
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यहां तक की खाद तक के दाम भी बढ़ गए हैं। प्रदेश सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि किसानों को सरकार का फैसला मंजूर नहीं है। किसान अपनी लड़ाई को जारी रखेंगे।

किसानों का डीएम ऑफिस पर चल रहा धरना लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर रेल रोकेंगे।

बुधवार को इस आंदोलन का उग्र रूप दिया जा सकता है। भाकियू नेत्री सोहनवीरी ने भी प्रशासन से आरपार की लड़ाई का ऐलान किया और कहा कि डीएम और एसएसपी को इनके ऑफिस में नहीं बैठने देंगे।

विकास शर्मा, कपिल सोम आदि ने भी विचार रखे। उधर, देर शाम भाकियू कार्यकर्ताओं ने ट्रेजरी पर ताला जड़ दिया। ट्रेजरी पर भाकियू के ताले की सूचना पर एडीएम प्रशासन मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों से ट्रेजरी का ताला खोलने के लिए कहा। इस पर किसान राजी नहीं हुए। देर रात तक प्रशासन के बीच वार्ता जारी थी।

किसानों से भद्दा मजाक : टिकैत
गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी नहीं होने को किसान नेता और भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने सरकार का भद्दा मजाक बताया है। उन्होंने कहा कि जब चीनी 26 रुपये किलो थी तब भी यही रेट था और अब 32 रुपये किलो हो गई है, तब भी यही रेट है।

प्रदेश सरकार मिल मालिकों से मिली हुई है, उसे किसान हितों की कोई चिंता नहीं है। टिकैत ने कहा कि किसान अपने तरीके से सरकार के इस निर्णय का जवाब देगा। किसानों के साथ किसी भी हालत में अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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