मुजफ्फरनगर। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के लिए खंड विकास अधिकारी, नगर निकाय समन्वय से कार्य करें। सफाई व्यवस्था बेहतर रखें और जलभराव वाले स्थलों पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराएं। वोटर लिस्ट से मिलान कर कोरोना से बचाव के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण कराएं। बैठक में अनुपस्थित अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। स्वास्थ्य केंद्रवार योजनाओं में प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्रगति कम हैं, उन्हें प्राथमिकता पर लेकर अपेक्षित प्रगति लाना सुनिश्चित करें।
डेंगू रोग के संक्रमण, नियंत्रण और बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करें। यह रोग किसी भी दशा में फैलने न पाए। जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देशित किया कि डेंगू के संबंध में ट्रेनिंग चलाकर उन्मूलन में सहयोग करें। अंत्योदय कार्ड धारकों के गोल्डन कार्ड उचित दर विक्रेता की दुकान पर ही कैंप लगाकर बनाए जाएं।
सीएमओ को निर्देश दिए कि आशाओं के माध्यम से वोटर लिस्ट से मिलान करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण होने चाहिए, जिसका आशाओं व निगरानी समिति द्वारा शत-प्रतिशत टीकाकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया जा चाहिए। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में लाभार्थियों का सत्यापन करते हुए समय से द्वितीय एवं तृतीय किश्त जारी की जाए। मौके पर सीडीओ आलोक यादव, एडीएम वित्त एवं राजस्व अजय कुमार तिवारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र बहादुर, नगर मजिस्ट्रेट अनूप कुमार, सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार मौजूद रहे।
क्षेत्र चिह्नित कर दिलाएं उपचार
ऐसे क्षेत्र जहां पर डेंगू मलेरिया या मौसमी बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक है, उन क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए लोगों की स्वास्थ्य जांच करते हुए आवश्यक उपचार दिया जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल भराव न होने दिया जाए तथा सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए।
अतिकुपोषित बच्चों को मिले योजनाओं का लाभ
डीएम ने कहा कि सैम/मैम की श्रेणी वाले अतिकुपोषित बच्चों की माताओं को शासकीय योजनाओं जैसे स्वयं सहायता समूह, अंत्योदय राशन कार्ड, इत्यादि योजनाओं का लाभ दिलाए जिससे कि महिलाएं स्वावलंबी एवं सशक्त हो सके तथा अपने परिवार की देखभाल अच्छे से कर सकें।