मुजफ्फरनगर। भोपा के पेट्रोल पंप संचालक के बाद एसओजी सहारनपुर ने आपूर्ति विभाग के कर्मचारी को भी दबोच लिया है। पूछताछ के लिए कर्मचारी को सहारनपुर ले गई। बिना लाइसेंस के पंप चलवाने में कर्मचारी की भूमिका सामने आई थी। बिना लाइसेंस के पंपों की जांच शुरू हो गई है।
भोपा निवासी उदित सहित दो लोगों को एसओजी सहारनपुर ने हिरासत में लिया था। सरकारी पाइप लाइन से तेल चोरी करने के प्रकरण में पकड़े गए उदित को जेल भेज दिया। उदित ने पुलिस को बताया था कि उसका पंप बिना लाइसेंस के चल रहा है। आपूर्ति विभाग का एक बाबू इस कार्य में उसकी मदद करता है।
इसके बाद एसओजी सहारनपुर ने इस कर्मचारी की तलाश शुरू कर दी थी। सोमवार सुबह टीम ने आपूर्ति विभाग के संदिग्ध आरोपी कर्मचारी को पकड़ लिया। टीम आनन फानन में उसे अपने साथ ले गई है। इस मामले में जनपद स्तरीय अधिकारी जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं। उधर, एसओजी सहारनपुर एसओजी टीम के सूत्रों ने कर्मचारी को साथ जाना बताया है।
भोपा में अवैध तरीके से बिक रहा था तेल
सहारनपुर से चोरी किया गया तेल भोपा क्षेत्र में बायो पेट्रोल पंप पर बेचा जा रहा था। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। पेट्रोल पंप के संचालन में आपूर्ति विभाग के एक कर्मचारी की भूमिका एसओजी टीम के सामने आई थी।
मोरना-भोपा में अवैध तरीके से बिक रहा तेल
बायो डीजल के नाम पर मोरना और भोपा क्षेत्र के कई पंपों पर अवैध तरीके से डीजल और पेट्रोल बेचा जा रहा है। यह खेल कई साल से चल रहा है। पूर्ति विभाग से बार-बार शिकायतें की जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
पहले चूकी और अब साध गई चुप्पी
स्थानीय पुलिस पहले चोरी के इस खेल को पकड़ने में चूक गई और अब चुप्पी साधे हुए हैं। कई महीने से चोरी का तेल यहां लाकर बेचा जा रहा था। गश्त और चौकसी का दावा करने वाली पुलिस तेल को नहीं पकड़ सकी। अब अधिकारियों का कहना है कि यह प्रकरण तो सहारनपुर पुलिस देख रही है।