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शुकतीर्थ गंगाघाट से डाक कांवड़ लेकर नोएडा रवाना हुए शिवभक्त

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मुजफ्फरनगर में शिवरात्रि पर्व के मद्देनजर नगर के शिव चौक से गुजरते डाक कांवड़िये। संवाद - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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शुकतीर्थ गंगाघाट से डाक कांवड़ लेकर नोएडा रवाना हुए शिवभक्त
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध के बाद शुकतीर्थ डाक कांवड़ का नया केंद्र बन गया है। शामली के बाद अब नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के शिवभक्त शुकतीर्थ गंगाघाट से डाक कांवड़ लेकर शिवालयों के लिए रवाना हुए। शिवभक्तों ने शुकतीर्थ को कांवड़ के लिए विकसित करने और कांवड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
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कोविड-19 के चलते उत्तराखंड में कांवड़ पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में कांवड़िये गंगाजल लेने के लिए शुकतीर्थ गंगाघाट का रुख कर रहे हैं। पहले शामली और अब नोएडा, गाजियाबाद व मेरठ से बड़ी संख्या में आए शिवभक्तों ने तीर्थनगरी शुकतीर्थ पहुंचकर शिवरात्रि पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए गंगाघाट से जल लिया। इसके बाद डाक कांवड़ के रूप में सभी शिवभक्त अपने गंतव्य पर शिवालयों के लिए रवाना हुए। इस दौरान नोएडा और गाजियाबाद निवासी शिवभक्तों सोनू शर्मा, मोहित कश्यप, शुभम, विभु, राजीव, संजू, विपिन व राजू आदि ने बताया कि शुकतीर्थ एक प्राचीन और एतिहासिक तीर्थनगरी है। सरकार को चाहिए कि वह शुकतीर्थ का भी हरिद्वार की तर्ज पर विकास कर इसे कांवड़ तीर्थस्थल के रूप में विकसित करे। वहीं, मेरठ जनपद के मवाना क्षेत्र के गांव मारकपुर तिगरी निवासी शिवभक्तों जितेंद्र, अनिमेत, सचिन, सौरभ, पन्नीलाल राही और विजय आदि ने कहा कि अब जबकि दो साल से उत्तराखंड से कांवड़ लाने पर प्रतिबंध लग रहा है, तो यह जरूरी है कि शुकतीर्थ को कांवड़ लाने के लिए हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने के साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
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