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सरकुलर रोड पर शोहदों का जमावड़ा, युवतियों का निकलना भी मुश्किल    

Wed, 18 Jul 2018 12:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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युवकों से पूछताछ करतीं महिला थाना प्रभारी। - फोटो : अमर उजाला
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का सरकुलर रोड कई शिक्षण संस्थाएं व कोचिंग सेंटर होने के चलते जहां एक ओर छात्र-छात्राओं की बड़ी आवाजाही का केंद्र बनकर सामने आया है, वहीं यह शोहदों व मनचलों का भी पसंदीदा स्पॉट बनकर उभर रहा है। दरअसल, यहां की शिक्षक संस्थाओं में शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। इनमें से अधिकांशत: छात्राएं मनचलों के निशाने पर रहती हैं, जिनके साथ कॉलेज आने-जाने के दौरान छेड़छाड़ होना करीब-करीब आम बात हो गई है। 
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आलम यह है कि सरकुलर रोड से जुड़ी जाट कॉलोनी, रेशु विहार, शिक्षक कॉलोनी व केशवपुरी जैसे क्षेत्रों में लगभग रोजाना ही मनचलों की आवाजाही व जमावड़ा लगा रहता है। पिछले तीन दिन के भीतर ही यहां छेड़छाड़ की दो बड़ी वारदातें हो चुकी हैं, जिनमें से एक में तो लोगों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया था, जबकि दूसरा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। स्थानीय लोगों की मानें तो इस संबंध में कई बार आला अफसरों से शिकायती की गईं, लेकिन पुलिस के टालू रवैये के चलते मनचलों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा सकी।  

आधी आबादी असुरक्षित 
मुजफ्फरनगर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के जाट कॉलोनी में पिछले तीन दिन में छेड़छाड़ की दो घटनाओं से क्षेत्र की महिलाओं का धैर्य जवाब देने लगा है। ऐसे में सोमवार को क्षेत्रीय महिलाओं ने अपने स्तर पर एक बैठक कर लठ स्क्वॉयर्ड बनाकर मनचलों को खुद ही सबक सिखाने का निर्णय क्या लिया, पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई।
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क्षेत्रीय महिलाओं के इस निर्णय की जानकारी मिलते ही जहां एक ओर महिला थाना पुलिस के साथ ही डायल-100 की पीवीआर की क्षेत्र में गश्त बढ़ गई है, वहीं अफसर भी डैमेज कंट्रोल का प्रयास करते हुए महिलाओं से संपर्क कर उन्हें समझाते हुए खुद शोहदों पर प्रभावी अंकुश लगाने का आश्वासन दे रहे हैं।

मामले में एसपी सिटी ओमबीर सिंह का कहना है कि सरकुलर रोड क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ ही मनचलों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। छात्राओं व महिलाओं की सुरक्षा शासन-प्रशासन की प्राथमिकताओं में शुमार है, जिसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। 

सोशल मीडिया पर महिमा मंडन और कार्रवाई धड़ाम 
मुजफ्फरनगर। शहर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहीं छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के नाम पर यूं तो महिला थाना पुलिस रोजाना स्कूल-कॉलेजों के खुलने-बंद होने के समय सड़कों पर गश्त कर खुद को सक्रिय बनाए रखती है, लेकिन यह भी सच है कि महिला थाना पुलिस की अधिकांश कार्रवाई केवल सोशल मीडिया में खुद के महिमामंडन तक ही सीमित रहती है।

हफ्ते में दो-तीन दिन महिला थाना पुलिस दल-बल के साथ सड़कों पर निकलती है, लेकिन उनकी कार्रवाई मनचलों को पकड़ने के बाद उनसे बीच सड़क पर उठक-बैठक लगवाते हुए टीम के ही किसी सदस्य से फोटो खिंचवाने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर कार्रवाई को विराम दे दिया जाता है। इसमें भी विशेष यह कि महिला थाना पुलिस अभियान तो मनचलों के खिलाफ चलाती है, लेकिन न जाने क्यों उनके शिकंजे में फंसने वालों में मनचलों के बजाय अधिकांशत: नाबालिग ही होते हैं? 

महिला से छेड़छाड़ 
खतौली। युवक ने रास्ते में जा रही महिला के साथ छेड़छाड़ कर दी। छेड़छाड़ को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। लोगों ने युवक को पकड़ कर उसकी जमकर धुनाई की। युवक शराब के नशे में था। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को चेतावनी देकर छोड़ दिया। 

मंगलवार को जानसठ रोड पर जा रही महिला के साथ शराबी युवक ने छेड़छाड़ कर दी। महिला ने शोर मचा दिया। महिला के शोर मचाने पर लोग एकत्र हो गए। छेड़छाड़ को लेकर लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया।

लोगों ने युवक को पकड़ करके उसकी जमकर धुनाई की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पता चला कि युवक एक रिटायर पुलिसकर्मी का पुत्र है। वह अत्यधिक शराब पीता  है तथा आए दिन झगड़ा करता रहता है। पुलिस ने युवक को चेतावनी देकर छोड़ दिया। महिला की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है। 
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