मुजफ्फरनगर। शहर में वैदिक संस्कृति संवर्धन एवं जन कल्याणार्थ आयोजित यज्ञ महोत्सव में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और धर्म रक्षा का संकल्प लिया गया। प्रसिद्ध सन्यासी स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती ने कहा कि वैदिक संस्कृति से भारत अखंड बनेगा। आर्य समाज से देशभक्त की ऊर्जा मिलती है।
शहर के मोहल्ला गोशाला स्थित ग्रीनलैंड मॉर्डन जूनियर हाई स्कूल में वेद मंत्रोच्चार से देवयज्ञ में आहुतियां दी गई। यज्ञ ब्रह्म मैत्रेयी कन्या गुरुकुल लक्सर हरिद्वार की प्राचार्या डॉक्टर सविता आर्या तथा यज्ञमान सुरेंद्र पाल सिंह एवं मुनेश देवी रही। जयपुर से पधारे स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सत्य, न्याय, पवित्र और मर्यादित आचरण के द्वारा ही सनातन वैदिक संस्कृति की रक्षा की जा सकती है। संसार के सबसे प्राचीन ग्रंथ वेद हैं, जो ईश्वरीय वाणी हैं।
शुकतीर्थ के स्वामी सत्यवेश ने कहा कि कुरीतियों, बुराइयों के उन्मूलन को ऋषि दयानंद के मार्ग को अपनाए। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि माता-पिता युवाओं को संस्कारो की शक्ति दें। ब्रह्मचर्य, सदाचार, अनुशासन, आहार, व्यवहार की पवित्रता ही जिंदगी में अनमोल है। प्राचार्या डॉ. सविता आर्य ने कहा कि मनुष्य जीवन सबसे उत्तम है। कर्म करने की विशेषता ईश्वर ने हमें दी है। कर्म जितने श्रेष्ठ होंगे, वैसे ही हमारा जीवन बनेगा। योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य तथा अंकुर मान ने अतिथियों का आभार जताया। इस मौके पर जिला आर्य प्रतिनिधि सभा प्रधान आनंद पाल सिंह आर्य, गजेंद्र सिंह राणा,आरपी शर्मा , मंगत सिंह आर्य ,सतीश आर्य,,योगेश्वर दयाल, डॉ. जीत सिंह तोमर , पूर्व प्रवक्ता गजेंद्र पाल सिंह, डॉ. नीरज शास्त्री, प्रियवृत आर्य, अनूप सिंह वर्मा, सभासद मोहित मलिक आदि मौजूद रहे। संचालन यज्ञदत्त आर्य ने किया।
प्राचार्या डॉ सविता सम्मानित
हरिद्वार के मैत्रेयी कन्या गुरुकुल लक्सर की प्राचार्या डॉ. सविता आर्या को वैदिक संस्कृति के सेवार्थ कार्यो के लिए आचार्य गुरुदत्त आर्य ने सम्मानित किया। मंजू त्यागी, बबिता चौधरी, परिता धीमान, अर्चना सिंह, राजकुमारी, विनोद आर्या आदि मौजूद रही।