दीवान नर्सिंगहोम पर हुए बवाल के मामले में रालोद किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इरशाद की पुलिस द्वारा पिटाई करने और धारा 307 में चालान कर जेल भेजने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसे लेकर रालोद में उबाल है। मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे डीआईजी शरद सचान का रालोद नेताओं ने घेराव कर आक्रोश प्रकट किया।
उनकी डीआईजी की नोंकझोंक भी हुई। नेताओं ने कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी से भी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, नर्सिंग होम संचालक डॉ. रिजवान को भी गिरफ्तार करने और जेल भेजे इरशाद पर लगाई हत्या के प्रयास की धारा का खत्म करने की मांग की। ऐसा न होने पर 24 अगस्त को आंदोलन करने की चेतावनी दी।
सोमवार को सांझक के युवक की मौत होने के बाद दीवान नर्सिंग होम पर ग्रामीणों ने हंगामा कर तोड़फोड़ की थी। इतना ही नहीं डॉक्टर के पास इलाज कराने आए पूर्व सांसद कादिर राना के साथ भी मारपीट की। इसे लेकर जमकर बवाल हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लाठी चार्ज कर दोनों पक्षों के लोगों को खदेड़ा था। आरोप है कि मौके पर मौजूद रालोद किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इरशाद की भी पिटाई की थी। उन्हें हत्या के प्रयास के मामले में जेल भेजने से रालोद में पुलिस के प्रति उबाल है।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में बैठक लेने आए कमिश्नर और डीआईजी से रालोद नेता मिले। इस दौरान डीएम राजीव शर्मा और एसएसपी अनंत देव भी मौजूद थे। रालोद नेताओं ने इस प्रकरण में डीआईजी शरद सचान का घेराव करते हुए रोष प्रकट किया। डॉ रिजवान को भी गिरफ्तार कर जेल भेजने, पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और इरशाद पर लगाई धारा 307 खत्म करने की मांग की।
इसे लेकर डीआईजी की रालोद नेताओं से नोंकझोंक भी हुई। इस पर नेताओं ने मांग पूरी न होने पर 24 अगस्त को अधिकारियों के घेराव, धरना, प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। कमिश्नर ने जांच करा कर कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया। इस दौरान पूर्व विधायक राजपाल बालियान, वीरपाल राठी छपरौली, मुस्ताक चौधरी, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, योगराज सिंह, जिलाध्यक्ष अजीत राठी,
ब्रह्म सिंह बालियान, सुरेश मलिक, कृष्णपाल राठी, सुधीर भारतीय, हर्ष राठी, धर्मेंद्र तोमर, पंकज राठी आदि मौजूद रहे। नर्सिंग होम पर बवाल करने के मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने की तैयारी में है। पुलिस अफसर का कहना है कि आरोपियों ने माहौल खराब करने की कोशिश की है, उनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
दीवान हॉस्पिटल प्रकरण में दो और एफआईआर
मुजफ्फरनगर। सुजड़ू चुंगी स्थित दीवान हॉस्पिटल पर सोमवार को युवक की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में मंगलवार को दो और एफआईआर दर्ज कराई गईं हैं। इनमें से एक मृतक युवक के पिता लताफत और दूसरी भीड़ के हमले में घायल हुए युवक ने दर्ज कराई है। उधर, रालोद किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष को जेल भेजने को लेकर उबली रालोद ने इसे लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के सुजड़ू चुंगी स्थित दीवान हॉस्पिटल में एक अगस्त को गांव सांझक के युवक का पथरी का दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद युवक की ब्लीडिंग नहीं रुकने पर डॉक्टर रिजवान द्वारा तीन अगस्त को एक और ओपन सर्जरी की गई। लगातार बिगड़ती हालत के चलते सोमवार तड़के युवक को दिल्ली के लिए रैफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी।
युवक की मौत के बाद उसकी लाश लेकर पहुंचे आक्रोशित परिजनों व सांझक के ग्रामीणों ने दीवान हॉस्पिटल में जमकर तोड़फोड़ कर दी थी। उसी समय हॉस्पिटल में दवा लेने आए पूर्व सांसद कादिर राना व उनके साथियों से भी भीड़ ने मारपीट व बदसलूकी की थी, जिस पर सुजड़ू से पूर्व सांसद समर्थक मौके पर पहुंच गए थे। हालांकि दोनों पक्षों के बीच टकराव होने से पहले ही पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को काबू कर लिया था।
मामले में पुलिस ने भीड़ में शामिल रालोद किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इरशाद समेत नौ लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें से चार आरोपियों को डॉक्टर रिजवान की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया गया था, जबकि पांच अन्य का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया था।
मंगलवार को मामले में सांझक निवासी मृतक युवक के पिता लताफत ने डॉक्टर रिजवान व सात-आठ अज्ञात के खिलाफ मारपीट व हमले के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, इसी मामले में सुजड़ू के गुलफाम ने भी जेल भेजे गए रालोद नेता इरशाद जाट, वसीम, इमरान के साथ ही इरशाद, सूबेदीन व शमीम के खिलाफ मारपीट व कातिलाना हमले के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। उधर, रालोद नेता इरशाद को जेल भेजे जाने को लेकर गुस्साए रालोद नेताओं ने पूरे मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े करते हुए आक्रोश जाहिर कर आंदोलन की चेतावनी दी है।