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आठवीं पास राशिद लखनऊ से बांटता था नौकरियां

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पंकज ऐरन
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मुजफ्फरनगर। युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की दखल लखनऊ के सरकारी कार्यालयों के साथ ही कुछ बड़े अधिकारियों के यहां भी है। लखनऊ का रहने वाला गिरोह का सरगना राशिद आठवीं पास है। विभिन्न विभागों के अधिकारियों से संपर्क बढ़ाकर फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने का खेल चल रहा था।
गिरोह के सरगना ने राशिद ने अधिकारियों और नेताओं से संपर्क बढ़ाए। इसके बाद ही वह ठगी के धंधे में उतर गया। फर्जी नियुक्ति पत्र बनाने के लिए कंप्यूटर का ज्ञान रखने वाले रोहित और हजरतगंज डाकखाने में संविदा की नौकरी की। वहां संविदा की नौकरी पर रखवाने के लिए ठेकेदारी करने वाले लक्की व अंकित को भी गिरोह में मिलाया। इसके बाद ठगी का धंधा शुरू किया गया।
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हजरत गंज डाकखाने में संविदा पर लक्खी और अंकित नौकरी करते थे। वह एफसीआई और डाकखाने में संविदा पर नौकरी लगवाने की ठेकेदारी भी करते थे। इन्हीं दोनों ने फर्जी नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवकों को हजरतगंज डाकखाने में नौकरी पर रखवाया था। संवाद
ऐसे बनाया नियुक्ति पत्र
लक्की और अंकित ने डाकखाने में नौकरी की थी। उन्हें पता था कि नियुक्ति पत्र कैसा होता है। उन्होंने ऐसा ही पेपर लेकर अपने साथी की मदद से असली दिखने वाला फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर पीड़ित युवकों को दिए थे।
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फ्लाइट में घूमते थे
ठगों ने पीड़ितों से लाखों रुपये ठगे थे। उनके पास पैसा भरपूर था। इसलिए वह फ्लाइट में आना जाना करते थे। वह अब से पहले कई युवकों के साथ ऐसा कर चुके हैं।
रोहित सबसे ज्यादा शिक्षित
बताया गया कि ठग गिरोह के सदस्यों में रोहित सबसे ज्यादा शिक्षित है। वह उच्च शिक्षा के साथ कंप्यूटर का ज्ञान भी रखता है। सरगना राशिद आठवीं पास है। लक्की आठवीं और अंकित कक्षा-12 तक शिक्षा प्राप्त किए हैं।
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