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नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हटाने का प्रस्ताव पास

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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका की बोर्ड बैठक में सभासद विपुल भटनागर ने कहा सभासद नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है। रोज सफाई कर्मचारी और सफाई नायक बदले जा रहे हैं। उन्होंने फॉगिंग और एंटी लारवा का छिड़काव करने में अव्यवस्था के आरोप लगाते हुए कहा कि पंाच गाड़ी हैं, जबकि एक गाड़ी से ही काम किया जा रहा है।
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डॉ. अतुल को पालिका से हटाए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसको लेकर सभासदों में मतभेद बना। इस प्रस्ताव पर मत विभाजन कराया गया, जिसमें डॉ अतुल को कार्यमुक्त करने के समर्थन में 38 सभासदों ने अपना मत जाहिर किया। चेयरपर्सन ने सदन में ही ईओ को निर्देश दिये कि सदन का मान रखते हुए बहुमत के आधार पर आये प्रस्ताव के कारण एनएसए डॉ अतुल को पालिका से कार्यमुक्त किया जाए। एनएसए का आचरण ठीक नहीं है।
ईओ पर भी सभासदों ने जताई नाराजगी
मुजफ्फरनगर। पालिका की बोर्ड बैठक के दौरान अधिशासी अधिकारी हेमराज सिंह भी सभासदों के निशाने पर रहे। सभासदों ने उनको सदन में ही भला-बुरा कहा। उन्हें यहां से हटाये जाने की मांग करते हुए शासन को संस्तुति भेजने का प्रस्ताव रखा। उनके आचरण को लेकर सभासदों ने नाराजगी प्रकट की।
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नहीं हटा सकेंगे स्वास्थ्य अधिकारी को
मुजफ्फरनगर। भाजपा सभासद राजीव शर्मा ने कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अतुल कुमार को पालिकाध्यक्ष चाहकर भी नहीं हटा पायेंगी, क्योंकि उनकी ज्वाइनिंग पालिका में है ही नहीं।
सभासद का व्यवहार निदंनीय : अंजू
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि सदन की कार्रवाई के बीच में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ मारपीट निंदनीय है। सदन में इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। सभासद प्रवीण पीटर ने माफी मांग ली है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की शिकायतें आ रही थी 44 सभासदों में से 38 ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव पास किया है।
बोर्ड को अधिकार नहीं : ईओ
अधिशासी अधिकारी हेमराज का कहना है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी राज्य सरकार के अंतर्गत नौकरी करते हैं। कानून की जो जानकारी मुझे है उसके हिसाब से बोर्ड को नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हटाने का अधिकार नहीं है। हटाने की संस्तुति कर सकते हैं। कार्यमुक्त नहीं कर सकते।
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दुर्भावना में घसीटा गया मेरा नाम : विपुल
आईआईए के चेयरमैन एवं सभासद विपुल भटनागर का कहना है कि सभासद प्रवीण पीटर जब नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर झपट रहे थे तो मैने उन्हें बचाया। दुर्भावना के कारण मेरा नाम मुकदमे में घसीटा गया है।
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