फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदी है हम : दक्षिण भारत में हिंदी के प्रचार-प्रसार को समर्पित डा. ऋषभदेव

विज्ञापन
डॉ. ऋषभ देव शर्मा को हिंदी साहित्य में जीवनोपलब्धि पुरूस्कार से सम्मानित करती गोवा की राज्यपाल ए? - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
हिंदी है हम : दक्षिण भारत में हिंदी के प्रचार-प्रसार को समर्पित डा. ऋषभदेव
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में जन्मे समर्पित हिंदी सेवी, कवि, प्रोफेसर डा. ऋषभदेव शर्मा दक्षिण भारत में हिंदी के प्रचार-प्रसार में जुटें हैं। आईबी में अफसर रहे डा. शर्मा की लेेखनी में हिंदी के प्रति आत्मीयता झलकती है। हिंदी पुस्तकों के लेखन में अनूठी प्रतिभाओं के दम वह देश-विदेश के नामचीन पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके है। वर्तमान में हैदराबाद के दूरस्थ निदेशालय में परामर्शी (हिंदी) के रूप में कार्यरत हैं।
जनपद के खतौली ब्लॉक के ग्राम गंगधाड़ी निवासी संस्कृत विद्वान चतुर्देव शास्त्री-लाड़ो देवी दंपती के यहां वर्ष 1957 में उनका जन्म हुआ। शामली के राष्ट्रीय कॉलेज से एमएससी करने के बाद डा. शर्मा ने हिंदी में एमए और पीएचडी की उपाधि अर्जित की। सात साल भारत सरकार में इंटेलीजेंस ब्यूरो में खुफिया अधिकारी रहे। उसके बाद ढाई दशक तक देश के उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, चेन्नई के विभिन्न केंद्रों में अध्यापक और शोध निदेशक के रूप में कार्यरत रहे। वर्तमान में मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय हैदराबाद के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में परामर्शी (हिंदी) के रूप में कार्यरत हैं। दक्षिण भारत के विभिन्न प्रांतों में हिंदी के प्रचार कर रहे हैं। कहते है हिंदी हमारी संस्कृति की परिचायक है।
विज्ञापन

हिंदी साहित्य और काव्य संग्रहों का प्रकाशन
प्रोफेसर ऋषभदेव शर्मा की हिंदी साहित्य में सात काव्य संग्रह, 11 आलोचना ग्रंथ और छह वैचारिक निबंध संग्रह प्रकाशित हो चुकी हैं। करीब 50 पुस्तकों का संपादन भी किया है। प्रमुख काव्य संग्रह में तेवरी, तरकश, ताकि सनद रहे आदि हैं। कविता संग्रह ‘देहरी’ का राजस्थानी में अनुवाद प्रकाशित हुआ। निबंध संग्रह में कोरोना काल की डायरी और रामायण संदर्शन काफी सराही गई। प्रेमचंद की भाषाई चेतना, ‘अँधेरे में’: पुनर्पाठ, तत्वदर्शी निशंक (डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के साहित्य पर एकाग्र आदि 2021) हैं।
विज्ञापन

देश-विदेश के अनेक पुरस्कारों से नवाजे गए
डा. शर्मा देश की अनेक प्रतिष्ठित अकादमिक और साहित्यिक संस्थाओं में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। हिंदी भाषा और साहित्य की सेवा के लिए भानु साहित्य सम्मान-नेपाल, संपादक रत्न सम्मान-रूस, अंतरराष्ट्रीय हिंदी सेवी सम्मान (2018), आचार्य चाणक्य सम्मान, अंतरराष्ट्रीय साहित्य गौरव सम्मान-रूस और तमिलनाडु हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा ‘जीवनोपलब्धि सम्मान’ बड़े मंचों पर सम्मान मिल चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें