जेल में बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बंदी शाहिद ने रविवार की रात में बैरक में ही अपने अंगोछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उधर, मृतक के परिजनों ने हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पहले डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। शाम को शव पोस्टमार्टम से आने के बाद जाम लगाकर अपनी नाराजगी का इजहार किया। पुलिस अफसरों ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाबुझाकर उनके गुस्से को शांत किया।
शहर कोतवाली के गांव न्याजुपुरा निवासी शाहिद (25) को शहर कोतवाली पुलिस ने पिछले वर्ष जून माह में नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह तभी से जिला कारागार में बंद था। वह बैरक एक-ए में बंद था। सोमवार अलसुबह शाहिद का शव बैरक के दरवाजे से लटका हुआ मिला। उसने अंगोछे से फांसी लगाई हुई थी। बैरक के बंदियों ने इसकी सूचना जेल अधिकारियों को दी। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने अफसरों को इसके बारे में बताया।
सूचना पर नई मंडी पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार इंद्रदेव शर्मा की मौजूदगी में शव का निरीक्षण कर उसे उतारा गया। नायब तहसीलदार ने पंचनामा भरा। इसके बद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी शाहिद नशे का आदी था। उसने रात में अपने अंगोछे से लटक कर आत्महत्या की है। उधर, जानकारी पाकर मृतक के परिजनों ने डीएम दफ्तर पर जाकर प्रदर्शन करते हुए हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर निष्पक्ष जांच की मांग की। शाम को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर न्याजुपुरा में जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया, तब कहीं जाकर शव को दफनाया गया।