मुजफ्फरनगर। सर्दी बढ़ने के साथ ही सब्जियों के दाम भी बढ़ रहे हैं। इस समय टमाटर और मूली को छोड़कर सभी सब्जियों के दाम आसमान पर है। बावजूद इसके सबसे बड़ी बात यह है कि जो स्थानीय सब्जी है वह मंदी बिक रही है और दिल्ली-देहरादून आदि स्थानों से आने वाली सब्जी महंगी है। स्थानीय सब्जी उत्पादक किसानों को महंगाई का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। अमर उजाला ने खेत से लेकर सब्जी मंडी और रिटेल तक पड़ताल की, पाया कि किसान को गोभी के दस रुपये ही मिल रहे है, जबकि मंडी में यह गोभी थोक में 20 रुपये और फुटकर में 30 रुपये प्रति किलो बिक रही है। यानि सब्जी उत्पादक किसान को अपनी सब्जियों का ज्यादा दाम नहीं मिल पा रहा है।
खेत में काम करती मिली खतौली के गांव शेखपुरा की किसान सोमवती ने कहा कि फिलहाल गाजर की फसल चल रही है। सब्जी मंडी में 10 रुपये किग्रा गाजर बिक रही है। मंदी की वजह से फसल की लागत भी नहीं निकल पा रही है। पड़ोसी किसान रामदास सैनी ने खेत में मूली की फसल उगाई है। रामदास ने बताया कि सब्जी मंडी में पांच रुपये प्रति किग्रा मूली बिक रही है। फसल की लागत भी नहीं निकल पा रही है। खेत में काम कर रही रज्जोदेवी ने बताया कि उसने हरा धनिया बो रखा है। सब्जी मंडी में हरा धनिया मात्र तीन व चार रुपये किलो ही बिक रहा है। अब भला कैसे लागत निकल पाएगी। वेदप्रकाश ने फ्रासबीन की बो रखी है। उसने बताया कि फसल अभी तैयार नहीं हुई है। फसल को तैयार करने में मेहनत करने के साथ लागत भी काफी आ रही है। फसल का स्थानीय मंडी में ज्यादा दाम नहीं मिलता, इसलिए इसे बेचने दिल्ली की आजादपुर मंडी जाना पड़ता है।
जितनी मेहनत है उतना मुनाफा नहीं
गोभी की खेती करने वाले रणबीर कश्यप का कहना है कि गोभी थोक में दस रुपये प्रति किग्रा बिक रही थी, अब 15 रुपये प्रति किग्रा हो गई है। बाहर की गोभी आने से यहां की गोभी के मंदी हो गई है। संधावली गांव के किसान पारुल का कहना है कि उसने मेथी की खेती की है। दो बीघा जमीन में मेथी से उसे 20 हजार रुपये मिलने की उम्मीद है। 15 रुपये प्रति किग्रा बिकने वाली मेथी थोक में 25 रुपये प्रति किग्रा पहुंची है। जितनी मेहनत है उसके हिसाब से मुनाफा नहीं है।
आलू और साग हुआ महंगा
इस बार आलू भी महंगा है। इस मौसम में आलू 40 रुपये से लेकर 60 रुपये का पांच किग्रा बिकता था। इस समय वह 140 रुपये का पांच किग्रा बिक रहा है। प्याज के दाम 120 रुपये किग्रा तक होने के कारण वह पहले ही सलाद से भी गायब हो गई है।
इस समय साग भी खाना महंगा पड़ रहा है। बथुवा 60 रुपये प्रति किग्रा, चना 80 रुपये किग्रा, पालक 20 रुपये, मेथी 30 रुपये, सरसों 30 रुपये किग्रा मिल रही है। अदरक 120 रुपये प्रति किग्रा बिक रहा है। भिंडी, सिंभल 100 रुपये प्रति किग्रा बिक रहे हैं। लौकी, तोरी, करेला, खीरा, अरबी खरीदना भी आम आदमी की पहुंच से बाहर है।
शादियों के कारण दाम बढ़े
सब्जी विक्रेता जयकुमार का कहना है कि हॉल ही में हुई शादियों से बाजार में आवक से ज्यादा डिमांड बढ़ी है, जिससे सब्जियों के दाम बढे़ है। आलू प्याज के थोक विक्रेता अजय कुमार कहते हैं कि प्याज के दाम थोक में 70 से 90 रुपये पर पहुंच गए है। प्याज यहां आगरा और पंजाब से आ रही है। आलू के दाम में दस रुपये किलो की वृद्धि हो गई है। यह भी बाहर से आ रहा है।
सब्जी थोक मूल्य प्रति किलो फुटकर भाव
आलू 25 रुपये 30 रुपये
प्याज 120 रुपये 140 रुपये
भिंडी 80 रुपये 100 रुपये
करेला 60 रुपये 80 रुपये
खीरा 40 रुपये 60 रुपये
टमाटर 20 रुपये 30 रुपये
शिमला मिर्च 40 रुपये 60 रुपये
सिंभल 80 रुपये 100 रुपये
लौकी 30 रुपये 40 रुपये
मटर 40 रुपये 50 रुपये
अरबी 70 रुपये 80 रुपये
पालक 15 रुपये 20 रुपये
धनिया हरा 20 रुपये 30 रुपये
मैथी 25 रुपये 30 रुपये
सरसों 20 रुपये 30 रुपये
बथुवा 50 रुपये 60 रुपये
कद्दू 20 रुपये 30 रुपये
गाजर 20 रुपये 30 रुपये
गोभी 15 रुपये 25रुपये
तुरई 40 रुपये 50 रुपये
फ्राशबीन 50 रुपये 60 रुपये
आंवला 40 रुपये 50 रुपये
अदरक 80 रुपये 120 रुपये
हरी प्याज 50 रुपये 60 रुपये
मूली 10 रुपये 20रुपये