चरथावल। क्षेत्र में अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी में चिह्नित कर निरधना गांव के कई प्रत्याशियों और समर्थकों को पुलिस ने रात में ही हिरासत में ले लिया था। इसके बावजूद गांव में हुई घटना को लेकर पुलिस हैरत में है। इसके अलावा बुड्ढ़ाखेड़ा गांव की वारदात भी फर्जी मतदान को रोकने को लेकर हुई।
पुलिस ने गांव लुहारी खुर्द, दधेडू कलां, कुटेसरा, निरधना से तमाम प्रत्याशियों के समर्थकों को और महिला प्रत्याशियों के पतियों को हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया था। बाकायदा बिस्तरें लगाकर उन्हें वहीं सोने के लिए कहा गया। मतदान खत्म होने से कुछ देर पहले ही वोट डालने के लिए सभी को रिहा किया गया। इसके बावजूद निरधना की घटना को लेकर पुलिस परेशान नजर आई।
शुक्रवार को पुलिस ने दावा किया था कि सभी एजेंटों को 50-50 हजार के मुचलकों को मौके पर पाबंद किया जाएगा, लेकिन निरधना में यह कार्रवाई नहीं की गई। एक उत्पाती एजेंट द्वारा हिरासत में लेने पर उसके समर्थकों ने पथराव कर दिया। अफसरों की गाड़ियां निरधना की तरफ कूच करती रही। पुलिस से कार्रवाई से डरे सहमें ग्रामीण बस्तियों में मकानों की छत पर नजारा देखते रहे।
पुलिस आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है। सुबह के वक्त डीएम और एसएसपी दधेडू कलां और दधेडू खुर्द में बूथ तक पहुंचें। वहां से क्षेत्र में शांत माहौल में चुनाव की खबर लेकर बघरा क्षेत्र में चले गए। लेकिन निरधना की घटना के बाद दोपहर बाद मौके पर पहुंचे।
कस्बे प्राइमरी स्कूल में देहात की लगे बूथ पर दो नाबालिग युवक वोट डालने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें पकड़कर थाने भिजवाया। देर शाम में उन्हें छोड़ा गया। जबकि कुटेसरा में पुलिस ने सतर्कता बरती। कई बार चौराहों पर भीड़ जमा होने पर लाठियां फटकार लोगों को खदेड़ा। निरधना गांव में बुजुर्ग और गंभीर बीमार सलामती परिजन चारपाई पर डालकर बूथ पर ले गई।