जानसठ। जनपद में प्रवासी पक्षियों की संगीत सी चहचहाट ने मनोहारी वातावरण उत्पन्न कर दिया है। जल क्रीड़ा करते नए जलपक्षी लोगों के बीच कौतूहल का विषय बने हुए हैं। सामाजिक वानिकी प्रभाग के बर्ड फेस्टिवल में काफी मेहमानों की पहचान कर ली है। आने वाले दिनों में इनकी तादाद बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
वन विभाग के सामाजिक वानिकी प्रभाग ने पहली बार बर्ड फेस्टिवल मनाया है। इसमें गंगा के तटीय क्षेत्रों के अलावा जनपद में प्रवासी पक्षी खोजकर उनके अनुकूल माहौल बनाने की कवायद की गई। टीम की तरफ से बताया गया है कि कई क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के बाद काफी प्रवासी पक्षी जनपद क्षेत्र में आ गए हैं। टीम में शामिल वन दरोगा मोहन सिंह गोखंडी बताते हैं कि 24 प्रवासी पक्षियों की पहचान हुई है।
इनमें अधिकतर जलपक्षी हैं। किंगफिशर, स्पेंग, हैगोन, डुगजुग्दी, बड़ा जल कौआ, अंजन, बादामी, बगुला, जलमुर्गी, पीली टिटहरी, छोटा गोत्र, दहियर, बया प्रमुख हैं। क्षेत्रीय लोगों से साइबेरियन क्रेन, कॉरमोरेंट देखे जाने की बात पता चली है। यह पक्षी साइबेरिया में अपना ठिकाना छोड़कर आ गए हैं। अब इनके चार माह तक ठहरने का अनुमान है। बच्चों के समूह पक्षियों को देखते हुए नजर आ रहे हैं।
किसानों के नुकसान के कारण अक्सर इसके शिकार की संभावना रहती है। टीम ने आसपास के लोगों को पक्षियों के प्रति सहानुभूति रखते हुए अनुकूल माहौल देने के लिए जागरूक किया है। सामाजिक वानिकी टीम की ओर से बताया गया कि सुखीब, पिनलेट, मोलार्ड, सेंड प्राइयर, स्टर्ड, ग्रेड ब्लैक, ओस्प्रो, हैरियर के हर वर्ष की भांति अगले पखवाड़े में आने की संभावना है। प्रभारी सामाजिक वानिकी सिंह राज सिंह पुंडीर ने बताया कि पहली बार बर्ड फेस्टिवल में 24 नए पक्षी देखे गए हैं। प्रवासी पक्षियों की संख्या लगातार बढ़ने की उम्मीद है।