खतौली। गांव में स्थित मठ के महंत के साथ की गई मारपीट के बाद महंत अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचा। मारपीट करने वाले आरोपियों ने माफी मांगी तो महंत मान गए। लेकिन इसी बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर पुलिस कर्मियों ने महंत के साथ मारपीट की। जिसके बाद महंत ने पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी तक दे डाली।
कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी मोनू सावरकर गांव में स्थित मठ के पीठाधीश्वर है। उन्होंने बताया कि गत दिवस मंदिर में आकर गांव के ही कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की थी। जिसकी शिकायत करने के लिए वह गत दिवस देर सायं खतौली थाने पहुंचे थे। आरोपियों द्वारा माफी मांगे जाने के बाद मामला शांत हो गया। वह खतौली थाने में बरामदे में रखी कुर्सी पर बैठ गए। तभी एक सिपाही ने आकर अभद्रता करते हुए उनके कपड़े पकड़ लिए। पीड़ित महंत का आरोप है कि थाने में उपस्थित एक दरोगा ने उनके साथ मारपीट की। उनका कहना था कि जब एक योगी को ही थाने में अभद्रता करते हुए मारपीट की जा रही है, तो अन्य आमजन का क्या होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दरोगा और सिपाही के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो वह थाने के सामने ही आत्मदाह करने को मजबूर होगें। उन्होंने इस मामले को हिंदू संगठनों में रखने की भी बात कही है।