मुजफ्फरनगर। खादर का 11 साल पुराना जमीन घोटाला फिर चर्चाओं में आ गया है। 850 बीघा जमीन की बंदरबांट के आरोपी बनाए गए पटवारी जयभगवान ने किताब के जरिये जनप्रतिनिधियों की भूमिका और अफसरशाही पर सवाल खड़े किए हैं।
मेरठ रोड स्थित होटल में पटवारी जयभगवान अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि उनके साथ हुए प्रकरण पर अफसरशाही एक अनसुना सच शीर्षक से पुस्तक लिखी है। तत्कालीन डीएम, एडीएम और अन्य अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए ।
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सेवानिवृत्त हो चुके पटवारी ने बताया कि किस प्रकार कुछ अधिकारी अरबों रुपये की सरकारी संपत्ति की बंदरबांट करते हैं और किसानों की गन्ने की फसल समेत संसाधनों को लूटा जाता है। जब इस तरह के मामले होते हैं तो फर्जी भू घोटालों की आड़ ली जाती है।
अफसरशाही इतनी हावी है कि अधिकारी अपने निजी लाभ के लिए किसानों सहित ईमानदार कर्मचारियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराते हैं। यह भी दर्शाया है कि जब कोई सरकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाता है तो उस पर किस तरह झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं। पुस्तक को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित देश के बड़े अधिकारियों को भेज कर सारे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।