बुढ़ाना विधानसभा के खरड़, फुगाना, काकड़ा, सोरम, खेड़ा मस्तान, भौराकलां, सिसौली, करौदा महाजन, गढ़ी नौआबाद और जैतपुर में भाजपा-रालोद के गठबंधन का असर दिखा। खतौली क्षेत्र के गुर्जर समाज में भाजपा की बढ़त रही और सपा ने भी सेंधमारी की।
लोकसभा के हिसाब से बदल गए सैनी
मुजफ्फरनगर और बिजनौर लोकसभा के हिसाब से सैनी समाज अलग-अलग पैटर्न पर मतदान करता नजर आया। मुजफ्फरनगर के गांव तिगरी, गुनिया जुड्डी, जसोई, बघरा, लुहसाना, सराय, नीमखेड़ी, परासौली, हबीबपुर, बड़सू सिकंदरपुर और अभीपुरा में भाजपा की तरफ रुझान दिखा, लेकिन बिजनौर लोकसभा की मीरापुर और पुरकाजी सीट पर सैनी समाज भाजपा और सपा के बीच बंटता नजर आया।
- भाजपा के लिए यह सबसे बड़ी उम्मीद
मुजफ्फरनगर लोकसभा में कम मतदान प्रतिशत और जातीय समीकरण में उलझ गया है। भाजपा के रणनीतिकारों की निगाह मुस्लिम मतों पर टिकी है। दरअसल, समाजवादी पार्टी इस वोट बैंक पर पूरी तरह अपने पक्ष में होने का दावा कर रही है, लेकिन भाजपा के रणनीतिज्ञ भी मुस्लिम मतदाताओं का कुछ हिस्सा अपने पक्ष में होने का अनुमान लगा रहे हैं।