देवबंद (सहारनपुर)। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) कमांडो ट्रेनिंग सेंटर के बनने का रास्ता साफ हो गया है। एमएसएमई विभाग की लगभग एक एकड़ भूमि एटीएस को प्रदान किए जाने की मंजूरी कैबिनेट में हो गई है। जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दिसंबर के अंत तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका शिलान्यास करने देवबंद पहुंचेंगे।
जनपद में संदिग्धों पर नजर रखने व संदिग्ध गतिविधियां रोकने को देवबंद में एटीएस की इकाई स्थापित किए जाने को हरी झंडी मिल गई है। रेलवे रोड स्थित राजकीय पायलट वर्कशॉप को कमांडो ट्रेनिंग सेंटर के लिए चुना गया है। भूमि के ट्रांसफर न होने के कारण इसका कार्य अधर में लटका हुआ था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा देवबंद पहुंचकर इसका शिलान्यास करने का कार्यक्रम भी नहीं हो सका था, लेकिन अब भूमि ट्रांसफर होने के बाद इसका रास्ता साफ हो गया है। एटीएस सेंटर स्थापित होने से जनपद में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। क्षेत्रीय विधायक कुंवर बृजेश सिंह का कहना है कि भूमि ट्रांसफर होना सर्कुलेशन का एक हिस्सा था। जिसे पूरा कर लिया गया है। जल्द ही यहां निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि दिसंबर के अंत में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवबंद पहुंचकर इसका शिलान्यास करेंगे।
एक नजर में जनपद में हुई संदिग्ध गतिविधियां
वर्ष-1991 में लक्ष्मी सिनेमा में बम फटा था, जिसमें करीब आठ लोगों की मौत हुई थी। घटना में आतंकियों का हाथ बताया गया था।
वर्ष-1994 में तीन ब्रिटिश नागरिकों को बंधक बनाकर आतंकियों ने सहारनपुर के खाताखेड़ी में रखा था। जिन्हें छुड़ाने के लिए मुठभेड़ हुई। इसमें एक इंस्पेक्टर और दो पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी।
वर्ष-2001 में आतंकी गतिविधियों के चलते मुफ्ती इसरार को एक मदरसे से पकड़ा गया।
वर्ष-2005 में अयोध्या में हुए बम कांड में तीतरों के डॉक्टर इरफान को पकड़ा गया था।
वर्ष-2010 में पाकिस्तानी जासूस शाहिद उर्फ इकबाल भाटी को पटियाला से गिरफ्तार किया। उसने देवराज सहगल के नाम से सहारनपुर से डीएल एवं अन्य दस्तावेज बनवाए थे।
वर्ष- 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख को गिरफ्तार किया था।
वर्ष-2019 को एटीएस और पुलिस ने संयुक्त रुप से देवबंद से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज और आकिब अहमद को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा जनपद से बिना पासपोर्ट रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।