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घर के काम और बच्चों की जिम्मेदारी तो सीएए का विरोध भी जरुरी

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ईदगाह मैदान में दिन के समय बैठी महिलाएं - फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी की चंद महिलाओं की कोशिशों से ईदगाह मैदान में शुरू हुए सीएए विरोधी धरना प्रदर्शन में हजारों महिलाएं जुट रहीं हैं। सात घंटे के कार्यक्रम में नगर एवं देहात क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएं घरों और बच्चों की जिम्मेदारी निभाने के बाद धरनास्थल पर पहुंचती हैं।
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नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में ईदगाह मैदान में चलने वाले धरना प्रदर्शन में शाम करीब तीन बजे लाउडस्पीकर शुरू कर दिए जाते हैं और धीरे धीरे यहां महिलाओं की भीड़ जुटना शुरू हो जाती है। रात्रि तक चलने वाले इस कार्यक्रम में जहां महिलाओं की खासी तादाद रहती है। वहीं ईदगाह के एक हिस्से में बड़ी संख्या में पुरुष भी पहुंचते हैं। दो से तीन हजार महिलाओं की भीड़ के इंकलाबी नारों से ईदगाह मैदान गूंज उठता है। इतना ही नहीं मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी की ओर से धरनास्थल पर पहुंचने वाली महिलाओं के लिए खाने से लेकर चाय तक की व्यवस्था की जाती है। रात्रि 10 बजे यह कार्यक्रम समाप्त कर दिया जाता है। जिसके बाद 100-150 महिलाएं टेंट के भीतर ही रहती हैं। जो सुबह होने पर ही वापस घरों को जाती हैं। हालांकि मौसम खराब होने की स्थिति में महिलाओं की यह संख्या बेहद कम हो जाती है। शनिवार की शाम तीन बजे कार्यक्रम शुरू हुआ तो 70 से 80 महिलाएं ही यहां मौजूद थीं। मगर धीरे धीरे महिलाएं जुटनी शुरू हुईं तो ईदगाह मैदान खचाखच भर गया। महिलाओं का कहना है कि घरों के काम और बच्चों की जिम्मेदारी के साथ सीएए का विरोध भी जरूरी है।

रात्रि के समय ईदगाह में जुटी महिलाओं की भीड़- फोटो : DEVBAND

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