मोरना (मुजफ्फरनगर)। आध्यात्मिक गुरू पवन सिन्हा ने कहा कि बच्चों के अंदर आंदोलन की आग हमेशा जलनी चाहिए। चंद्रशेखर, राजगुरू सुखदेव, भगत सिंह और शिवाजी जैसे बच्चे पैदा होने चाहिए, ताकि सबका कल्याण कर सकें। संत और सैनिक जिस देश की हिफाजत मे खडे़ हो जाएं उसे भला कौन मात दे सकता है।
शुकतीर्थ स्थित गंगा घाट कारगिल शहीद स्मारक पर राष्टृीय सैनिक संस्था के तत्वावधान में शुकतीर्थ कारगिल शहीद स्मारक पर शहीद चंद्रशेखर, राजगुरू ओर सुखदेव की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। उत्तराखंड के राज्यपाल जनरल गुरमीत सिंह ने वर्चुअल तरीके से कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि राष्टृ की रक्षा बलिदान, ज्ञान, साधना और मुक्ति की यह भूमि शुकतीर्थ बलिदानों के लिए बन गई है। शहीद परिवारों के लिए कारगिल शहीद स्मारक मंदिर के समान है।
मोबइल के जरिए संबोधन में पूर्व जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव लाला लाजपत राय आदि ने देश की आजादी के लिए प्राणों की आहुति देकर हमें अग्रेजों के जुल्मों से आजादी दिलाई। राष्टृीय सैनिक संस्था अध्यक्ष वीर चक्र कर्नल तेजेंद्र पाल ने कहा कि प्रतिदिन स्मारक पर आरती का आयोजन किया जाएगा। अध्यक्षता कर रहे शुकदेव भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि राष्टृभक्ति और देश प्रेम ही हमें विश्व विजेता बनाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कारगिल स्मारक की कायाकल्प करने की बात कही।
लीलाराम और दीपचंद के साथ सेल्फी की होड़
देश की रक्षा के लिए अपने शरीर के अंग गंवा चुके पूर्व सैनिक सूबेदार लीलाराम व दीपचंद जब कारगिल शहीद स्मारक समारोह में पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं कसाब को गिरफ्तार करने वाले मंगेश नाईक के साथ लोगों की सेल्फी लेने की होड़ मच गई।
पैर गंवाए, बहादुरी नहीं छोड़ी
नासिक से आए सूबेदार लीलाराम ने बताया कि वह ऊधम नगर पोस्ट पर तैनात थे, आगरा पोर्ट पर जंप करने के लिए टेेृन से जा रहे थे, बदमाशों द्वारा महिला की चेन खींचने का विरोध करने पर उन्हें चलती टेृन से धक्का देकर गिरा दिया, जिससे रेलवे पटरी पर उनके दोनों पैर कट गए थे। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। विभागीय कॉमनवेल्थ 2009 ओर 2010 में हिस्सा लिया। नासिक महाराष्टृ के दीपचंद को कारगिल युद्ध के दौरान अपने दोनों पैर गंवाने पड़े थे।
नाईक ने बताया, इस तरह पकड़ा था कसाब
मुंबई के कालेवरी निवासी मंगेश नाईक ने बताया कि पुलिस टीम के साथ 26 दिसंबर 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमले के दौरान पुलिस ने चार आतंकवादियों को मार गिराया था। मुठभेड़ के दौरान बचकर कार लेकर भाग रहे कसाब को गिरगट चोपटी मोड़ के निकट गोलियों के बीच जिंदा पकड़ा था।
यह रहे मौजूद
सम्मान समारोह में डॉ. रेशमपाल, नवीन त्यागी, पूर्व विधायक योगराज, प्रोफेसर नीलम पंवार, राजन छीबर, जोगेंद्र वर्मा, प्रधान राजपाल सैनी, स्वामी आशोकानंद, प्रदीप निर्वाल सहित देश के अनेक प्रांतों से आये पूर्व सैनिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन में राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन सुरेश चंद त्यागी, जिलाध्यक्ष अशोक कुमार, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र राठी, मांगेराम, सुधीश, पमेंद्र राठी, जयपाल, डॉ. धर्मपाल, जयप्रकाश हरिप्रकाश, रमेश चंद मौजूद रहे।