बदले माहौल में चल रहे चुनाव में इस बार प्रचार का तरीका भी बदला है। चुनाव में सबसे ज्यादा फेसबुक खाते बढ़े हैं। कई प्रत्याशी ऐसे हैं, जो चुनाव मैदान में आने से पहले फेसबुक पर सक्रिय नहीं थे। कई के खाते भी सोशल मीडिया पर नहीं थे, लेकिन अब समर्थक सक्रिय है।
कोरोना संक्रमण के कारण बदले माहौल में चुनाव प्रचार चल रहा है। जिले में कई उम्मीदवार युवा हैं तो कई उम्रदराज भी है। इनमें कई ऐसे हैं, जो पहले सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं थे। अधिकतर सिर्फ व्हाट्सएप ही चला रहे थे। टिकट मिलने के बाद चुनाव मैदान में उतरे तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रत्याशियों ने मजबूती दिखाई। राजनीतिक दलों की आईटी सेल ने प्रत्याशियों के नाम से खाते बनाए हैं। इसके अलावा समर्थकों की ओर से राजनीतिक दलों के नाम से भी पेज बनाकर पोस्ट की जा रही है।
हुक्के साथ इस बार व्हाट्सएप चौपाल
चुनाव की सरगर्मियां बढ़ रही हैं। गांव-देहात में हुक्का चौपाल पर चुनाव की चर्चा है। साथ ही इस बार चुनाव में व्हाट्सएप पर भी चौपाल लग रही है। एक-एक ग्रुप में सैकड़ों सदस्य जुड़े हैं और चुनावी चर्चा यहां खूब जोर पकड़ रही है। प्रत्याशियों ने भी प्रचार और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए अपने विश्वसनीय लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है।
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पुराने वीडियो शेयर कर गरमा रहे माहौल
चुनावी माहौल में पुराने वीडियो शेयर कर भी माहौल गरमाया जा रहा है। सीएम योगी, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह के वीडियो शेयर किए जा रहे हैं।
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जातिगत टिप्पणी करने वाले वीडियो भी
चुनावी माहौल में एक-दूसरे पर जातिगत टिप्पणी करते हुए वीडियो रील बनाए जा रहे हैं। ऐसे वीडियो शेयर कर जातीय माहौल गरमाने की कोशिश भी राजनीतिक दल कर रहे हैं।