मीरापुर क्षेत्र के रसूलपुर गढ़ी में घर में घुसकर ओमकार की हत्या के सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इनमें दो सगे भाई और उनका पिता भी शामिल है। अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी रितिश सचदेवा ने फैसला सुनाया। ओमकार के बेटे अंकित ने एक लड़की से प्रेम विवाह कर लिया था, जिसके बाद ओमकार के घर में घुसकर हमला कर दिया गया।
विशेष लोक अभियोजक नीरजकांत मलिक ने बताया कि हमलावरों ने एक मार्च 2023 की रात करीब आठ बजे घर में घुसकर गोली मारकर ओमकार की हत्या कर दी थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। वादी सचिन ने गांव के ही सगे भाई दीपक व अंकुर, उनके पिता प्रमोद के अलावा प्रिंस, आजाद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस जांच में मेरठ के बहसूमा के मोहल्ला बस्ती निवासी दीपक और खेड़ी सराय निवासी सूर्यकांत के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 14 मई 2023 को आरोपपत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात में हुई।
मंगलवार को अदालत में आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। दोषियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी प्रिंस पर 22 हजार रुपये अर्थदंड और अन्य दोषियों पर 17-17 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
ये थी रंजिश
मृतक ओमकार के बेटे अंकित ने वारदात से तीन साल पहले दोषी प्रिंस की बहन से प्रेम विवाह कर लिया था। इसके बाद दोनों गांव से चले गए थे। इसी रंजिश में कहासुनी के बाद हत्या की वारदात अंजाम दी गई थी।
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