मारपीट से परेशान थे
एक बाल अपचारी की मां ने बताया कि दोनों किशोरों को 13 अप्रैल को बाल सुधार गृह में भेजा था। वह बेटे से मिलने के लिए कई बार पहुंची, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया। पता चलने के बाद वह सभी पुलिस के साथ दोनों किशोरों की तलाश में जुटे थे। मां ने दावा किया कि रात के समय दोनों किशोर घर पहुंचे तो गण्मान्य लोगों को बुलाकर दोनों किशोर पुलिस को सौंप दिए। तब उनकी अपने बेटे से बात हुई, तो वह रोने लगा था। उसने बताया कि उन्हें रात में कर्मचारी पीटते हैं। उनका बेटा मानसिक तनाव में है, बाल सुधार गृह में जान का खतरा है। यहीं आरोप दूसरे बाल अपचारी की मां ने भी लगाया हैं।
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आरोपी की ही तहरीर पर लिखा मुकदमा
बाल सुधार गृह के सहायक अधीक्षक आशाराम ने तहरीर देकर कहा कि ऊपरी मंजिल पर क्वारंटीन के लिए बाल अपचारियों को रखा था। देख-रेख, सुरक्षा की जिम्मेदारी और समस्त चाबियां उनके पास रहती थीं। मंगलवार को सफाई करवाकर कचरा बाहर फेंकने के लिए ताला खोला था, जो गलती से खुला रह गया। तब तीनों बाल अपचारी भाग गए। पुलिस ने मुकदमे में तहरीर देने वाले आशाराम को भी आरोपी बना लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है।