शहीद को दी अंतिम सलामी
- फोटो : Amar Ujala
मंगलवार को सचिन राठी के शहीद होने की खबर मिलते ही गांव शोक में डूब गया। सचिन राठी 2019 में पुलिस में भर्ती हुआ था। कन्नौज के विष्णुगढ़ थाने में उसकी तैनाती थी। बदमाशों के साथ मुठभेड़ में गोली लगने से उपचार के दौरान कानपुर चिकित्सालय में उसने अंतिम सांस ली।
सचिन राठी के पिता वेदपाल गांव में खेती तथा बुढ़ाना में प्रोपर्टी डीलर का कार्य करते हैं। मां गीता गृहिणी हैं। उसका बड़ा भाई जतिन पहले खेती में अपने पिता का हाथ बंटाता था। अब वह मेरठ-करनाल हाईवे पर टोल प्लाजा पर नौकरी करता है। छोटी बहन अंशु माता-पिता के साथ गांव में रहती है। सचिन व उसके भाई बहन की अभी तक शादी नहीं हुई है।
डीएम और एसएसपी ने दिया कंधा
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वेदपाल के परिवार के अधिवक्ता बाबू सिंह राठी व अशोक राठी ने बताया कि पुलिस की नौकरी कर रहे सचिन राठी की महिला पुलिसकर्मी के साथ फरवरी में शादी होनी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद से ग्रामीणों तथा विभिन्न दलों के नेताओं का शहीद सिपाही के घर पर तांता लगा हुआ है।