18 सितंबर को 15 माह के बच्चे की इंजेक्शन लगाने पर मौत हो गई थी। इसके बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार के आदेश पर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था। मगर जांच टीम ने हॉस्पिटल को पाक-साफ बता दिया।
मेडिकल बोर्ड की ओर से क्लीनचिट मिलने के बाद बुढ़ाना के ग्रीन हॉस्पिटल की सील खोल दी गई। सील लगाने वाले डिप्टी सीएमओ डॉ.अजय कुमार ने हॉस्पिटल को क्लीनचिट देने वाली मेडिकल बोर्ड की टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध स्वरूप शुक्रवार को त्यागपत्र देने की घोषणा की है। उनका आरोप है कि मोटी रकम लेकर हॉस्पिटल की सील खोली गई।
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18 सितंबर को बुढ़ाना के ग्रीन हॉस्पिटल में शामली निवासी मनु पुंडीर के डेढ़ वर्षीय पुत्र आदित्य को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान बच्चे की मौत होने पर परिजनों ने चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। हिंदू संघर्ष समिति की ओर से 12 अक्तूबर को सीएमओ कार्यालय पर धरना देकर हॉस्पिटल सील किए जाने की मांग की गई थी। जिसके बाद सीएमओ के निर्देश पर हॉस्पिटल सील कर जांच के लिए एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में मेडिकल बोर्ड का गठन किया था।
मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट में हॉस्पिटल को क्लीन चिट मिलने के बाद सील खोल दी गई। जिससे नाराज डिप्टी सीएमओ डॉ.अजय कुमार ने सीएमओ और मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़ा करते हुए विरोध स्वरूप शुक्रवार को त्यागपत्र देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि उन्हें झोलाछाप और अवैध हॉस्पिटल की जांच के लिए पूर्वी क्षेत्र के नोडल अधिकारी पद से भी हटा दिया गया है।
दूसरी ओर मेडिकल बोर्ड के अध्यक्ष एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि जांच के दौरान पाया गया कि बच्चे को उसकी मौत से पहले ही हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। बच्चे की मौत में हॉस्पिटल के चिकित्सकों की लापरवाही नहीं पाई गई। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया का कहना है कि डॉ. अजय कुमार को जांच रिपोर्ट और तथ्यों से अवगत कराया जाएगा।
सीएमओ से मिले वसूली के आरोपों से घिरे डीएचओ, हस्तक्षेप की मांग
मेडिकल स्टोर संचालक से 15 हजार रुपये की उगाही का आरोप लगने के बाद जिला होम्योपैथिक अधिकारी (डीएचओ) समझौते के प्रयास में जुटे हैं। उन्होंने सीएमओ से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों ने पीड़ित मेडिकल स्टोर संचालक के पिता और स्वास्थ्य विभाग के पेंशनर से मिलकर समझौते का दबाव भी बनाया।
जबकि केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शनिवार को राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल से मिलकर डीएचओ पर कार्रवाई कराए जाने की मांग रखने की बात कही है।
तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में डीएचओ डॉ. अक्षय कात्यान एक व्यक्ति से कुछ रुपये लेते नजर आए थे। चुंगी नंबर दो पर निकुंज मेडिसिन हब संचालित करने वाले सुधीर कुमार यादव ने बुधवार को केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन जिलाध्यक्ष सुभाष चौहान एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र सौंपते हुए डीएचओ के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियमि के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी।
आरोप लगाया था कि 24 अक्तूबर को डीएचओ ने उनके मेडिकल स्टोर पर जाकर जांच की थी। जांच के नाम पर डरा-धमकाकर उससे 15 हजार रुपये की उगाही की गई थी। साक्ष्य के तौर पर मेडिकल स्टोर पर लगे सीसीटीवी की वीडियो फुटेज भी पुलिस को सौंपी गई थी।