सरधना से पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम 13 साल पुराने मामले में कोर्ट में पेश हुए। अदालत में पेश नहीं होने के कारण पूर्व विधायक के गैर जमानती वारंट जारी हो गए थे। वहीं कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई अब 22 अप्रैल को होगी।
मेरठ में सरधना के पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम मंगलवार को अदालत में पेश हुए। दोनों मामलों में अधिवक्ता के माध्यम से वारंट रिकॉल कराए। सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल ने गैर जमानती वारंट निरस्त कर दिए। अब अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।
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ये था मामला
पूर्व विधायक संगीत सोम ने सपा के टिकट पर मुजफ्फरनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मालवीय चौक पर 17 मार्च 2009 को 7- 8 गाड़ियों को रास्ते में रोककर संगीत सोम बातचीत कर रहे थे। इस दौरान मार्ग जाम हो गया। पुलिस मौके पर पहुंची और रास्ते में गाड़ी हटाने की बात कही। सोम के साथियों ने हथियारों के बल पर दरोगा के साथ सड़क पर गिराकर धक्का-मुक्की की थी। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उनके तीन साथियों को असलाह के साथ गिरफ्तार किया था।
वादी तत्कालीन यातायात उप-निरीक्षक हरमीत सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण में अदालत में हाजिर नहीं होने पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ने पूर्व विधायक के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
वहीं खतौली नवीन मंडी स्थल पर 13 अप्रैल 2008 को जनसभा में शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भी संगीत सोम आरोपी है। इस मामले में भी उनके गैर जमानती वारंट चल रहे थे। पूर्व विधायक सोम की तरफ से दोनों मामलों में अधिवक्ता अनिल जिंदल द्वारा प्रस्तुत होकर वारंट रिकॉल के प्रार्थना पत्र दाखिल किए। न्यायाधीश ने वारंट रिकॉल के प्रार्थना पत्र मंजूर कर लिए, जिस कारण एनबीडब्ल्यू निरस्त होने पर सोम को राहत मिल गई।