परिजनों ने घर लौटने की बात कही। रात करीब 10 बजे वह फैक्टरी से घर लौटा। परिजन डॉक्टर के यहां उपचार के लिए ले गए। आधी रात के समय कर्मचारी की मौत हो गई। परिजनों ने इधर-उधर झांड-फूंक भी कराई। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया था कि जहरीले जीव ने काटा है, लेकिन यह पता नहीं चल पाया था कि कब और कहां काटा।
मामले में बुधवार सुबह करीब नौ बजे नया मोड़ आया। घर के बाहर खड़े बच्चों ने कर्मचारी की बाइक में सांप देखा तो शोर मचा दिया। ग्रामीण एकत्र हो गए। बाइक के चारों और मच्छरदानी लपेटकर वन विभाग को सूचना दी गई।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुबह करीब 11 बजे सांप को बाइक से रेस्क्यू कर जंगल में छुड़वाया। परिजनों ने कर्मचारी का पोस्टमार्टम कराने के लिए थाने में तहरीर दी है।