फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzafarnagar: सेवानिवृत्त इंजीनियर से 33.33 लाख की ठगी करने वाले दो साइबर ठग गिरफ्तार, मास्टरमाइंड अब भी फरार

Fri, 19 Sep 2025 12:47 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर पुलिस ने सेवानिवृत्त इंजीनियर से 33.33 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। ट्राई अधिकारी बनकर उन्हें 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया था। ठगी का मास्टरमाइंड अभी फरार है।

विज्ञापन
digital arrest - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम पुलिस ने सेवानिवृत्त पीडब्ल्यूडी इंजीनियर को 33.33 लाख रुपये का चूना लगाने वाले गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने खुद को ट्राई अधिकारी बताकर इंजीनियर को 48 घंटे से अधिक समय तक डिजिटल अरेस्ट में रखा था।

एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से 95,500 रुपये नकद, 39 सिमकार्ड, 21 एटीएम-डेबिट कार्ड, 15 बैंक पासबुक, 13 मोबाइल फोन, 3 चेकबुक, एक वाईफाई राउटर और एक स्कूटी बरामद की गई है।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: MSME for Bharat: मेरठ के उद्यमियों ने रखीं मांगें; ऊर्जा मंत्री बोले-जल्द ही देश-दुनिया में चमकेगा मेरठ

विज्ञापन

गिरफ्तार किए गए आरोपी निखिल (32) देहरादून निवासी और हरप्रीत सिंह उर्फ हर्ष छत्तीसगढ़ निवासी है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह पर अब तक 46.55 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की 44 शिकायतें दर्ज हैं।

एसएसपी ने बताया कि इस ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन का आईपी एड्रेस कंबोडिया का पाया गया। गिरोह का मास्टरमाइंड राजू, जो फिलहाल फरार है, विदेश में बैठे साथियों की मदद से इस तरह की वारदातों को अंजाम देता है। वह भोले-भाले लोगों से बैंक खातों, एटीएम और पासबुक लेकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए करता था।

पीड़ित इंजीनियर राजेंद्र कुमार गोयल ने शिकायत दी थी कि आरोपी ने सीबीआई का लोगो लगाकर कॉल किया और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में केस दर्ज होने की धमकी दी। इसके बाद उच्च अदालत के कथित आदेश दिखाकर उन्हें डराया और एफडी तुड़वाकर 33.33 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें