प्रकाशी ने दावा किया कि दो दिन पहले एक कार में सवार होकर पांच लोग खेत में पहुंचे थे। वहां काम कर रहे उनके बेटे शौकेंद्र और पोते विजय को मारपीट कर जबरन गाड़ी में डाल लिया और अपने साथ ले गए। इसके बाद से दोनों का कुछ पता नहीं है। दादी का कहना है कि उसी शाम उन्होंने कोतवाली आकर इसकी लिखित शिकायत भी दी थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शुक्रवार को जब मोबाइल पर दो बदमाशों के ढेर होने और विजय के फरार होने की खबर देखी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह फौरन कोतवाली पहुंचीं और पुलिस से जानकारी मांगी। प्रकाशी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे पोते विजय को पुलिस कभी भी मुठभेड़ दिखाकर गोली मार सकती है। उसकी जान को खतरा है। परिवार का कहना है कि पुलिस सच्चाई छुपा रही है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
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वहीं लौहड्डा गांव निवासी आरोपी नकुल अभी भी फरार चल रहा है। गांव में आकर कुछ लोगों से बातचीत की गई तो नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान नकुल बहुत व्यवहारिक रहा, लेकिन उसके बाद वह गांव से बाहर आने-जाने लगा। लड़ाई-झगड़े में आगे रहता था, लोग घर पर शिकायत लेकर आते थे। परिवार के लोग सामान्य जीवन जी रहे है, लेकिन आए दिन नकुल की शिकायत उनके पास आती रहती थी, काफी समय से वह गांव में नहीं आया।
ये बोले सीओ
बड़ौत कोतवाली में दोनों के खिलाफ कोई अपराधिक रिकार्ड या मुकदमा दर्ज नहीं मिला, अन्य थानों में भी जानकारी जुटाई गई, लेकिन वहां पर दोनों के नाम से कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।
- विजय कुमार सीओ बड़ौत