जिले में दोहराया जा सकता था मुरादनगर हादसा
मुजफ्फरनगर। शहर के जानसठ रोड स्थित गोदाम में स्थापित की गई नकली सीमेंट फैक्टरी यदि कुछ समय तक चल जाती, तो जिले में भी मुरादनगर जैसे हादसे की पुनरावृत्ति संभव थी। बरामद नकली सीमेंट देहात क्षेत्र में सप्लाई करने की योजना थी, जो फलीभूत होती तो लोगों की जिंदगी जोखिम में पड़ सकती थी।
नई मंडी थाना क्षेत्र में जानसठ रोड स्थित किराए के गोदाम में एक सप्ताह से चलाई जा रही फैक्टरी में तैयार किया जा रहा नकली सीमेंट यदि सप्लाई होना शुरू हो जाता तो मुरादनगर श्मशान घाट जैसा हादसा जिले में भी दोहराया जा सकता था। नकली सीमेंट बनाने के धंधे के अग्रसेन विहार निवासी राजेश सिंघल इस नकली सीमेंट को देहात क्षेत्र में सप्लाई करने की तैयारी में था। दरअसल, देहात क्षेत्र में सीमेंट खरीदने वाले ग्रामीणों को उसके नकली-असली की पहचान होना लगभग नामुमकिन होता, जिससे उसका धंधा बखूबी रफ्तार पकड़कर लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। पुलिस ने फैक्टरी में मौके से पकड़े गए सद्दाम से पूछताछ में कुछ ऐसे सीमेंट विक्रेताओं की सूची भी तैयार की है, जिन्हें आरोपी राजेश सिंघल द्वारा करीब छह माह पूर्व भी नकली सीमेंट सप्लाई कर चुका था। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि सूची में शामिल इन सीमेंट विक्रेताओं की गोपनीय तरीके से जांच की जा रही है। यदि जांच में इन लोगों द्वारा जान-बूझकर नकली सीमेंट बेचने की साजिश रचने की बात सामने आई तो इनके खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित
मुजफ्फरनगर। नकली सीमेंट फैक्टरी चलाने के मामले में आरोपी अग्रसेन विहार निवासी राजेश सिंघल के साथ ही उसका साझीदार जिला अमरोहा निवासी मुजम्मिल अभी भी फरार हैं। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि उक्त दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद उनके खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।
जमने के साथ ही बेकार हो जाता है सीमेंट
मुजफ्फरनगर। किसी भी कंपनी का सीमेंट हो, वह एक बार जमने के बाद तत्काल बेकार हो जाता है, जिसे क्रश करके या कोई केमिकल मिलाने के बाद भी दोबारा इस्तेमाल योग्य नहीं बनाया जा सकता। शहर के नींव कंस्ट्रक्शन के ऑर्किटेक्चर वर्द्धमान जैन ने बताया कि सीमेंट में केमिकल होते हैं, जो इस्तेमाल करने के दौरान रिएक्शन करते हैं, जिससे रोड़ी, सरिये व अन्य सामग्री के साथ मजबूत जोड़ देते हैं। एक बार सीमेंट जम जाए, तो उसमें वहीं केमिकल रिएक्शन हो जाते हैं, जिसके बाद वह बेकार हो जाता है। इसके बाद उसे क्रश कर लिया जाए या उसमें केमिकल मिला दिए जाएं, वह इस्तेमाल योग्य नहीं बन पाता। ऐसे सीमेंट का इस्तेमाल कर बनाए गए लिंटर या दीवारें मजबूत नहीं बन पाते और जल्द ही ध्वस्त हो जाते हैं।