खतौली। जैन समाज के विभिन्न संगठनों ने झारखंड के मधुवन क्षेत्र को मांस मदिरा मुक्त किया जाना चाहिए। सरकार ने मांग नहीं मानी तो 26 मार्च से विभिन्न शहरों में आंदोलन किया जाएगा।
कसबे के पीसनोपाडा जैन मंदिर के प्रवचन हाल में सकल जैन समाज, अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन, जैन एकता क्रांतिकारी मंच, वर्धमान संघ के पदाधिकारी एकत्र हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से किया गया। झारखंड के सम्मेद शिखर की पवित्रता बनाए रखने की मांग सरकार से की। वक्ताओं ने कहा कि मांस मदिरा मुक्त पवित्र जैन तीर्थस्थल घोषित किया जाना चाहिए। पर्वतराज पर जाने वाले यात्रियों के पंजीकरण होना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि जैन तीर्थों पर हमारी संस्कृति व धर्म सिद्धांतों के अनुसार भोजन पवित्रता व धर्मानुकुल सामग्री ले जाने की अनुमति दी जाए। जैन धर्म के अनुयायी अपने धार्मिक स्थलों की पवित्रता व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। तीर्थ क्षेत्रों की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ।
26 मार्च से इस पवित्रता नष्ट करने वाले नोटिफिकेशन को रद्द कराकर पूरे पर्वत को जैन तीर्थ स्थल घोषित कराने के लिए विश्व जैन संगठन के आहवान पर विरोध व अनशन करेंगे।
अध्यक्षता जैन समाज अध्यक्ष सुशील जैन और संचालन कल्पेन्द्र जैन ने किया। समाजसेवी संजय, मनीष, अरविंद, नीरज, वरूण, हंस कुमार, अमित, राजीव, राहुल, नवीन, राजकुमार, राहुल, मनोज, शशांक, अनुपम, सुदेश, सुशील, अजय प्रवक्ता, विनोद, मनोज, निर्मल, अंकित, संजीव प्रधानाचार्य, मोहित, ऋषभ, नीरज जैन उपस्थित रहे।