मुजफ्फरनगर। यूक्रेन में जिले के छात्र-छात्राओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। कोई बंकरों में रह रहा है। कोई बस, कोई रेल और कोई फ्लाइट में सवार है। किसी ने ठिकाना छोड़ दिया तो सड़क पर जिंदगी गुजारने को मजबूर है। कोई बॉर्डर पार करने की जद्दोजहद में जुटा है। नई मंडी निवासी संकल्प का कहना है कि यहां हालात आसान नहीं है।
नई मंडी निवासी बैंक मैनेजर आशीष प्रसाद का बेटा संकल्प इवानो में एमबीबीएस करने गया हुआ है। युद्ध शुरू होने के बाद वापसी की कोशिश में लगा हुआ है। संकल्प ने परिजनों को बताया कि वह किसी तरह रोमानिया बॉर्डर पर पहुंच गया है, लेकिन अभी तक प्रवेश नहीं मिला है। उधर, यूक्रेन से सिसौली की नई आबादी स्थित अपनी दादी पूर्व चेयरमैन शकुंतला देवी के आवास पर पहुंची खुशी ने बताया कि शुरूआत में यूक्रेन से पहुंच रहे भारतीय छात्रों को आसानी से रोमानिया बॉर्डर पार कराया जा रहा था। लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी तो समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। यूक्रेन के सैनिक बॉर्डर पर भारतीय छात्रों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं, इसके वीडियो भी वायरल हुए हैं। यूक्रेन के स्थानीय नागरिक और आसपास के इलाके में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में बॉर्डर पर पहुंच गए गए हैं और वह खुद रोमानिया में पहुंचना चाहते हैं, जिस कारण भारतीय भीड़ में घिर गए हैं।
भारतीय शक्ल के आधार पर दी जा रही थी एंट्री
खुशी ने बताया कि शुरूआत में भीड़ कम थी और कागजी खानापूर्ति भी कम हो रही थी। शक्ल के आधार पर भारतीय छात्र-छात्राओं की पहचान कर रोमानिया और अन्य बॉर्डर पर प्रवेश दिया गया, लेकिन अब अन्य देशों के लोग और स्थानीय नागरिकों की भीड़ के कारण नियम भी सख्त हो गए हैं।
बॉर्डर पार हुआ अब घर वापसी का इंतजार
योगेंद्रपुरी निवासी एसएसपी ऑफिस में नियुक्त क्लर्क तहसीन अली के पुत्र अब्दुस समद ने परिजनों को बताया कि इवानो से वह रोमानिया पहुंच गए हैं। बॉर्डर से 10 किमी पहले छोड़ दिया गया, वहां से 10 किमी पैदल चलकर, सर्द बर्फीली हवाओं में थपेड़े खाते हुए रोमानिया बॉर्डर पहुंच गए हैं। लंबी जद्दोजहद के बाद बॉर्डर पार कर रोमानिया में दाखिल हुए और अब वापसी के लिए फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं।
हंगरी के लिए रवाना हुआ अनस चौधरी
शाहपुर। गांव सोरम निवासी तनवीर चौधरी ने बताया कि उनका पुत्र अनस चौधरी उजहोरोद यूनिवर्सिटी से बस में सवार होकर हंगरी के लिए रवाना हो गया है । गांव बसी कलां निवासी छात्र अबूजर के भाई अहसान ने बताया कि उसका भाई यूनिवर्सिटी से हंगरी जा रही बस में सवार हो गया है। दोनों छात्रों के बुधवार तक स्वदेश वापसी की संभावना है। कसेरवा निवासी उम्मीद अली ने बताया कि कीव से उनका पुत्र हसन चौधरी ट्रेन में सवार होकर लबीब जा रहा है । संवाद
रोमानिया के लिए ट्रेन में सवार हुआ शाहफिज
जानसठ। कस्बा निवासी ठेकेदार शाहिद ने बताया कि उनके पुत्र शाहफिज ने सोमवार को बताया कि पोल्टावा से रोमानिया जाने के लिए ट्रेन में सवार हो चुका है। करीब 24 घंटे उसे रोमानिया पहुंचने में लगेंगे। सुरक्षित तरीके से वापसी की उम्मीद बंध गई है।
हंगरी एयरपोर्ट के लिए बुक की गाड़ियां
पुरकाजी। गांव रेता नंगला निवासी छात्र विशाल कुलवारिया के पिता चरण सिंह ने बताया कि उनकी अपने बेटे से रोजाना बात होती है। राशन की दिक्कत है। करीब 350 छात्रों को बंकर में रखा गया है। सोमवार दोपहर करीब 11 बजे बंकर से बाहर निकाला गया। छात्रों ने हंगरी एयरपोर्ट जाने के लिए आठ गाड़ी किराए पर ली हैं।
कीव के बंकर में रह रहा है अभिजीत
छपार। बरला निवासी अभिजीत शर्मा पुत्र अश्वनी शर्मा कीव में रह रहा है। अश्वनी शर्मा ने बताया कि बंकर में छात्र रह रहे हैं और यूक्रेन के स्थानीय नागरिक भी हैं। बंकर अस्पताल के नीचे बना हुआ है। परिवार वापसी कराने की कोशिश कर रहा है।
हर्ष ने पार किया रोमानिया बॉर्डर
बुढ़ाना। कसबा निवासी हर्ष ने परिजनों को बताया कि इवानो शहर से रोमानिया बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा रात के करीब डेढ़ बजे बॉर्डर पार कर भारतीय शेल्टर होम में पहुंच गया। माता अलका से वीडियो कॉल पर बात की। छात्र ने बताया कि यहां से उन्हें बस द्वारा 480 किमी दूर बुखारेस्ट हवाई अड्डे पर ले जाया जाएगा।
मुजफ्फरनगर : जानसठ का छात्र हर्ष पोल्टावा से रोमानिया के लिए ट्रेन से अपने भारतीय दोस्तों के साथ ?- फोटो : KHATAULI