मुजफ्फरनगर। एंबुलेंस सेवा 102 गर्भवती के लिए जीवनदायिनी साबित हुई। एंबुलेंस से अस्पताल ले जाई जा रही प्रसूता ने एंबुलेंस में रास्ते में ही शिशु को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
जानसठ क्षेत्र के गांव बिहारी निवासी परवीन (28) पति इरफान ने बताया-पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 102 एंबुलेंस बुलाई थी। एंबुलेंस उन्हें लेकर अस्पताल जा रही थी, लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ गई। एंबुलेंस में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता, कुशलता एवं अनुभव से गर्भवती का सुरक्षित प्रसव कराया गया। एंबुलेंस कर्मचारी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) रिंकू ने अपनी सूझबूझ से मां और नवजात की जान बचाई। एंबुलेंस में तैनात ईएमटी रिंकू और पायलट इरफान ने बताया कि वह एंबुलेंस में मरीज को लेकर अस्पताल जा ही रहे थे। लेकिन रास्ते में ही प्रसव पीड़ा बढ़ गई। रिंकू ने बताया एंबुलेंस सड़क पर किनारे लगाकर डिलीवरी किट की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया गया। परिजनों ने सुरक्षित प्रसव कराने के लिए सरकारी एंबुलेंस सेवा और एंबुलेंस कर्मचारियों की सराहना की है।