फरमान हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। गांव सादपुर में पांच साल पूर्व फरमान की हत्या के मामले में एडीजे-12 कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या के एक अन्य आरोपी की जेल में रहते हुए ही एक साल पूर्व मौत हो चुकी है।
डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव सादपुर में 19 जनवरी 2014 को इंतखाब की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में नवाब अली, शब्बीर, गुलाब, अमजद और नोली उर्फ नईम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या में तीन आरोपियों की जमानत हो गई थी, जबकि नवाब अली व नोली उर्फ नईम जेल में ही बंद हैं। आरोप है कि इंतखाब के हत्यारोपी पीड़ित पक्ष पर हत्या के मुकदमे में फैसले का दबाव बना रहे थे।
इसका विरोध करने पर सात जनवरी 2016 की सुबह सात बजे एक बार फिर घर में घुसकर इंतखाब के भाई फरमान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। फरमान हत्याकांड में उसके चाचा कय्यूम ने चार आरोपियों नसीम, गुलाब, मंजूर व अमजद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट संख्या-12 में न्यायाधीश छोटेलाल यादव के समक्ष हुई।
एडीजीसी किरणपाल कश्यप और वादी पक्ष के अधिवक्ता संजय सिंह व शशिप्रभा ने मुकदमे में जोरदार पैरवी करते हुए कुल नौ गवाह व ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। अधिवक्ता संजय सिंह ने बताया कि हत्यारोपी गुलाब की करीब एक साल पूर्व जेल में ही मौत हो चुकी है। अन्य तीनों आरोपियों को न्यायाधीश छोटे लाल यादव ने दोषी करार देते हुए बृहस्पतिवार को उन्हें आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।