मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर में दस साल पूर्व संपत्ति के विवाद अंजाम दिए गए तिहरे हत्याकांड में अभियुक्त को धारा 302 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आरोपी बनाई गई महिला को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी-प्रथम सुमित पंवार ने फैसला सुनाया।
एडीजीसी वीरेंद्र नागर ने बताया कि 2011 में मिल रोड मंसूरपुर में महिला बबीता और नाबालिग बेटे विपुल व विक्रांत की हत्या कर दी गई थी। मृतका के भाई ने आरोपी दानपाल निवासी सोंटा गांव, उसकी पत्नी सोनू और अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच में अमित का नाम निकाल दिया था। दानपाल और उसकी पत्नी सोनू उर्फ सुषमा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।
प्रकरण की सुनवाई एफटीसी-प्रथम कोर्ट में हुई। शनिवार को आरोपी दानपाल को धारा 302 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सौरभ शर्मा व राव मेराजुद्दीन ने बताया कि सुषमा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। इसके अलावा दानपाल को भी धारा 307 व 120 बी में दोषमुक्त किया गया है।