मुजफ्फरनगर। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में निपुण बनाने के साथ उनमें संस्कार और साहस जागृत करने का काम भी किया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में स्थापित लाइब्रेरी कॉर्नर में प्राचीन कहानियों की पुस्तकों संगृहीत की जाएगी। इसमें जिले के प्रत्येक विद्यालय में प्राथमिक स्तर के लिए 29 कहानियों की जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर 58 कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि शासन स्तर से स्कूलों में शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार का निर्णय लिया गया है। इसके तहत समय-समय पर स्कूलों में तरह-तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में तीन साल पहले लाइब्रेरी कॉर्नर स्थापित किया गया था।
इसमें कुछ किताबें भी उपलब्ध कराई गई थी। अब शासन ने लाइब्रेरी कॉर्नर को विकसित करने का निर्णय लिया है। क्वालिटी ऑफ स्कूल कार्यक्रम के तहत बेसिक शिक्षा विभाग को प्राथमिक स्तर के लिए 29 कहानियों की जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर 58 कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि किताबें आ चुकी हैं। कांवड़ की छुटिटयों के बाद विद्यालयों पर भेज दिया जाएगा। छात्रों को ये किताबें स्कूल और घर पर पढ़ने के लिए प्रधानाध्यापक की सहमति से उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए अलग से एक रजिस्टर तैयार होगा। छात्र को आवंटित की गई पुस्तक पूरा लेखा-जोखा रहेगा।
राजाओं के साहस और जीवन सफलता की मिलेगी जानकारी
लाइब्रेरी कॉर्नर विकसित होने से छात्र-छात्राओं का ज्ञान बढ़ेगा। लाइब्रेरी कॉर्नर में देशी और विदेशी प्राचीन राजाओं के साथ ही समय-समय पर अपनी वीरता का परिचय दिखाने वाले लोगों की कहानियों की पुस्तकों को स्थान दिया गया है। इसके साथ ही पौधों, पक्षियों और पशुओं से मानव का नाता से संबंधित कहानियों की पुस्तकों को चुना गया है। मानव कर्तव्य और मां का प्यार आदि शीर्षक की पुस्तकें भी इसमें शामिल की गई हैं।